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    गोरखपुर में 2500 शिक्षकों और 300 कर्मियों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा, लोगों ने जताई खुशी

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 10:01 PM (IST)

    गोरखपुर में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का विस्तार हुआ है, जिससे उच्च शिक्षण संस्थानों के 2500 से अधिक शिक्षकों और दीनदयाल उपाध्याय गोरखप ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

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    HighLights

    1. गोरखपुर में 2500 शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ।

    2. दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के 300 कर्मचारी भी होंगे लाभान्वित।

    3. लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने पर शिक्षकों में खुशी।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे का विस्तार होने से जिले के उच्च शिक्षण संस्थानों के 2500 से अधिक शिक्षकों और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 300 से अधिक कर्मचारियों को कैललेस इलाज की सुविधा मिलेगी।

    योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय उससे संबद्ध सहायता प्राप्त एवं निजी महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ विश्वविद्यालय कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।

    इस निर्णय से शिक्षकों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। सभी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

    गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ. दीपेंद्र मोहन सिंह्र ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों को भी लंबे समय से सरकारी कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिए जाने की मांग की जा रही थी।

    योजना लागू होने से गंभीर बीमारी या आकस्मिक चिकित्सा की स्थिति में शिक्षकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा। साथ ही उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों ने इस निर्णय को उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। स्ववित्तपोषित कालेज प्रबंधक महासभा के महामंत्री सुधीर कुमार राय ने कहा कि चिकित्सा खर्च को लेकर शिक्षकों में रहने वाली चिंता अब काफी कम होगी। इससे उनका मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक निष्ठा एवं एकाग्रता के साथ शिक्षण और शोध कार्य कर सकेंगे।

    उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में योजना का लाभ शिक्षकों के साथ अन्य कर्मचारियों तक भी व्यापक रूप से पहुंचाया जाएगा।
    वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने विश्वविद्यालय कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा के शुभारंभ का स्वागत किया है।

    महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रजभूषण मिश्र और समन्वयक रामेश्वर पांडेय ने बताया कि यह कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे वर्ष 2017 में कुलपति सम्मेलन के दौरान भी प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद राज्यपाल, प्रमुख सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर भी इस प्रस्ताव पर सहमति बनी थी।

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    रामेश्वर पांडेय के अनुसार इसे लेकर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों में उत्साह है। विश्वविद्यालय के करीब 300 कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।

    कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष मनीष तिवारी, पूर्व उपाध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह, रघुनाथ मिश्र, फणेश तिवारी तथा पूर्व महामंत्री राज बहादुर सिंह गौतम ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय कर्मचारी हितों की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

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