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गोरखपुर में सरकारी ठेका और नौकरी के नाम पर 27 लाख की ठगी, यूपीसीडा अधिकारी बनकर फंसाया

Published: Fri, 29 May 2026 09:30 AM (IST)

गोरखपुर में सरकारी ठेका और नौकरी दिलाने के बहाने 27 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। खुद ...और पढ़ें

यूपीसीडा का अधिकारी बता बिकवायी भूमि,मोबाइल बंद कर हुआ फरार। सांकेतिक तस्वीर

यूपीसीडा का अधिकारी बता बिकवायी भूमि,मोबाइल बंद कर हुआ फरार। सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. सरकारी ठेका और नौकरी दिलाने का झांसा

  2. यूपीसीडा अधिकारी बनकर 27 लाख की ठगी

  3. एसएसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज, जांच शुरू

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सरकारी ठीका और नौकरी दिलाने के नाम पर 27 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि खुद को यूपीसीडा का असिस्टेंट कमिश्नर बताने वाले व्यक्ति ने साथियों के साथ मिलकर संगठित तरीके से पीड़ित से रकम हड़प ली। एसएसपी के आदेश पर शाहपुर पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पादरी बाजार स्थित जंगल तिकोनिया नंबर-एक निवासी राजेश मणि त्रिपाठी ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि सचिवालय आने-जाने के दौरान उनकी मुलाकात सर्वेश कुमार दीक्षित से हुई थी।

आरोप है कि सर्वेश ने खुद को यूपीसीडा में तैनात अधिकारी बताते हुए कंबल और वेल्डिंग मशीन सप्लाई का सरकारी काम व बेटे की नौकरी लगवाने का भी झांसा दिया। शुरुआत में छह लाख रुपये नगद लिए गए। इसके बाद सर्वेश कुमार दीक्षित अपने साथ वीरेंद्र और रंजन कुमार गुप्ता को लेकर उनके घर पहुंचा और अलग-अलग कार्यों के नाम पर लगातार रुपये मांगता रहा।

भरोसे में आकर उन्होंने भूमि बिकने के बाद रखी रकम आरोपितों को दे दी। आरोपितों ने फर्जी ई-वे बिल और सप्लाई से जुड़े अन्य दस्तावेज मोबाइल पर भेजे, जिससे उन्हें विश्वास हो गया कि सरकारी प्रक्रिया चल रही है।

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तहरीर में कहा गया है कि सर्वेश कुमार दीक्षित के कहने पर मधुपाल, सुनील दीक्षित, वीरेंद्र और रंजन कुमार समेत अन्य लोगों के खातों में अलग-अलग तिथियों में आरटीजीएस के जरिए करीब 21 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। नगद रकम मिलाकर कुल 27 लाख रुपये दिए गए। रकम लेने के बाद आरोपितों ने फोन उठाना बंद कर दिया। बाद में बीमारी और इलाज का बहाना बनाया गया।

इतना ही नहीं, मैसेज भेजकर खुद को मृत बताने तक की कोशिश की गई। विरोध करने पर मोबाइल हैक कराने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि आरोपितों के बैंक खातों और लेन-देन की जांच कराई जा रही है। साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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