गोरखपुर के रामगढ़ताल में जल्द शुरू होगी AC फेरी सेवा, GDA ने कवायद की तेज
गोरखपुर विकास प्राधिकरण रामगढ़ताल में 50 यात्रियों की क्षमता वाली वातानुकूलित फेरी सेवा शुरू कर रहा है, जिससे पर्यटन स्थलों के बीच आवागमन आसान होगा।

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HighLights
रामगढ़ताल में 50 सीटों वाली एसी फेरी सेवा शुरू होगी।
पर्यटन स्थलों को जलमार्ग से जोड़ेगी, आवागमन आसान होगा।
2.59 करोड़ की परियोजना, स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने करीब 1,800 एकड़ में फैले रामगढ़ताल में 50 यात्रियों की क्षमता वाली वातानुकूलित फेरी सेवा शुरू करने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए बुधवार को संस्था के चयन को रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) भी जारी कर दी गई। इसके अलावा प्राधिकरण दो फ्लोटिंग जेटी भी विकसित करेगा।
इसकी की जिम्मेदारी चयनित संस्था की ही होगी। इससे रामगढ़ताल के आसपास विकसित हो रहे पर्यटन स्थलों के बीच आवागमन का नया विकल्प उपलब्ध होगा। पर्यटकों के लिए यह केवल घूमने का साधन नहीं, बल्कि ताल और उसके आसपास के आकर्षणों को एक साथ देखने का नया अनुभव होगा।
प्रस्तावित जलमार्ग आरकेबीके जंक्शन, गोरखपुर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर एवं एलीट क्लब, नया सवेरा, प्रस्तावित बैंबू रेस्त्रां, गोरखपुर चिड़ियाघर और सहारा एस्टेट के निकट प्रस्तावित जेट्टी को जोड़ेगा। इससे अलग-अलग पर्यटन स्थलों तक सड़क मार्ग से जाने की जरूरत कम होगी और पर्यटक एक ही यात्रा में ताल के कई आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे।
पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी मिलेगा फायदा
एसी फेरी के संचालन से रामगढ़ताल घूमने आने वाले पर्यटकों को गर्मी और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से राहत के साथ सुरक्षित और आरामदायक जलयात्रा का विकल्प मिलेगा। परिवारों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह आकर्षण का केंद्र बन सकता है। ताल के बीच से शहर और उसके आसपास के पर्यटन स्थलों को देखने का अनुभव रामगढ़ ताल को मनोरंजन के साथ एक विशिष्ट पर्यटन गतिविधि के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
स्थानीय लोगों के लिए भी फेरी एक वैकल्पिक आवागमन सुविधा बन सकती है। खासकर ताल के आसपास विकसित हो रहे व्यावसायिक और पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। फेरी के संचालन से रेस्त्रां, खान-पान, मनोरंजन, खरीदारी और अन्य पर्यटन आधारित कारोबार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ नाव संचालन, टिकटिंग, खान-पान और रखरखाव जैसी सेवाओं से जुड़े लोगों को काम मिलेगा। फेरी के साथ बनने वाली दोनों फ्लोटिंग जेटी में टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय और शौचालय की सुविधा होगी।
फेरी में सुरक्षा, नेविगेशन और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं होंगी। इसका डिजाइन और निर्माण भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के दिशा-निर्देशों तथा लागू पोत सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाएगा।
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2.59 करोड़ की परियोजना, 10 साल संचालन करेगी एजेंसी
परियोजना की अनुमानित विकास लागत करीब 2.59 करोड़ रुपये है, जिसे निर्माण अवधि में जीडीए चयनित एजेंसी को उपलब्ध कराएगा। एजेंसी फेरी और जेटी का निर्माण, संचालन और रखरखाव 10 वर्ष तक करेगी। अवधि को पांच वर्ष तक बढ़ाने का विकल्प भी रहेगा।
एजेंसी को टिकटिंग, फेरी पर खान-पान सेवा और विज्ञापन का अधिकार मिलेगा, जबकि टिकट दरों को जीडीए की मंजूरी जरूरी होगी। एजेंसी की नियुक्ति के 180 दिनों के भीतर फेरी और जेटी को पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद वाणिज्यिक संचालन शुरू हो जाएगा।
फेरी सेवा रामगढ़ताल को एकीकृत पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी। इससे शहरवासियों को मनोरंजन और आवागमन का नया विकल्प मिलेगा, जबकि पर्यटकों को रामगढ़ताल को जलमार्ग से देखने और उसके आसपास के प्रमुख आकर्षणों तक आसानी से पहुंचने का अवसर मिलेगा।
अभिनव गोपाल, उपाध्यक्ष, जीडीए
