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    गोरखपुर का नाम Guinness World Record में क्यों हुआ दर्ज? सीएम योगी के मार्गदर्शन से बना नया रिकॉर्ड

    Updated: Wed, 15 Apr 2026 05:39 PM (IST)

    गोरखपुर के 'एआई फॉर ऑल अवेयरनेस प्रोग्राम' ने एक सप्ताह में 764,187 ऑनलाइन पंजीकरण के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. गोरखपुर के एआई कार्यक्रम ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

    2. एक सप्ताह में 7.6 लाख से अधिक पंजीकरण हुए।

    3. सीएम योगी और टाटा चेयरमैन को प्रमाण पत्र मिला।

    डिजिटल डेस्क, गोरखपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जागरूकता पर गोरखपुर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में रची गई एआई फॉर आल अवेयरनेस प्रोग्राम की रूपरेखा ने एक सप्ताह की समय सीमा में 764187 ऑनलाइन पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

    एमपीआईटी (महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) ने टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) और अन्य संस्थानों के सहयोग से इस प्रोग्राम को शुरू किया है।

    इस प्रोग्राम में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व पंजीकरण के लिए बुधवार को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने विश्व कीर्तिमान रचे जाने का प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को सौंपा। प्रमाण पत्र हैंडओवर करने का कार्यक्रम, एमपीआईटी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह के मंच पर हुआ।

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    एमपीआईटी ने एआई फॉर आल अवेयरनेस प्रोग्राम के लिए पांच लाख पंजीकरण का लक्ष्य रखा था। इसके लिए निर्धारित तिथि, 9 अप्रैल तक 764187 पंजीकरण हुए।

    इसके अंतर्गत दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर, महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय, एमपी पॉलिटेक्निक, आईटीएम गीडा, बीआईटी गीडा आदि को भी साझा पहल में शामिल किया गया। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को कड़े मानकों पर परखने के बाद आज विश्व कीर्तिमान का प्रमाण पत्र सौंपा गया है।

    पूर्णतः निशुल्क इस एआई अवेयरनेस प्रोग्राम में एआई का परिचय, जेनेरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग एंड प्रोडक्टिविटी, रिस्पांसिबल एआई यूज, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड एंड ओटीपी सेफ्टी और सेफ डिजिटल प्रैक्टिसेज के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त होगा।

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