गोरखपुर BRD में रोगियों को मिलेगा 34 बेड का नया ICU, नहीं दबाना पड़ेगा अंबु बैग
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में मेडिसिन विभाग को जल्द ही 34 बेड का नया आईसीयू मिलेगा, जिससे गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। इस नए आईसीयू से ...और पढ़ें

बीआरडी मेडिकल कॉलेज। जागरण
HighLights
बीआरडी मेडिकल कॉलेज को मिलेगा 34 बेड का नया आईसीयू।
मेडिसिन विभाग में कुल आईसीयू बेड क्षमता 54 हुई।
गंभीर मरीजों को समय पर मिलेगा आधुनिक उपचार।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कालेज के नेहरू अस्पताल में मेडिसिन विभाग के गंभीर रोगियों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। कालेज प्रशासन वार्ड नंबर-12 में तैयार 34 बेड के नए आइसीयू को मेडिसिन विभाग को देने का फैसला कर लिया है। इसी सप्ताह यह वार्ड मेडिसिन विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
नए आइसीयू के शुरू होने से गंभीर रोगियों को समय पर आइसीयू बेड उपलब्ध हो सकेंगे और उपचार की क्षमता बढ़ जाएगी। कई बार आइसीयू बेड न मिलने पर तीमारदारों को अंबु बैग दबाकर मरीजों की सांस चलाए रखने की मजबूरी से भी काफी हद तक राहत मिलेगी।
वर्तमान में मेडिसिन विभाग के पास वार्ड नंबर-11 में छह बेड और वार्ड नंबर-14 में 14 बेड का आइसीयू वार्ड है। कुल 20 बेड की यह व्यवस्था रोगियों की बढ़ती संख्या के मुकाबले अपर्याप्त साबित हो रही है। अक्सर सभी बेड भर जाने के कारण गंभीर रोगियों को इंतजार करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में डाक्टरों के निर्देश पर तीमारदारों को लंबे समय तक अंबु बैग के जरिए कृत्रिम श्वास देनी पड़ती है, जिससे रोगी और तीमारदार दोनों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
नया आइसीयू शुरू होने के बाद मेडिसिन विभाग के पास कुल 54 आइसीयू बेड उपलब्ध हो जाएंगे। इससे गंभीर रोगियों को भर्ती करने में आसानी होगी और उपचार में होने वाली देरी कम होगी। आइसीयू वार्ड मूल रूप से 32 बेड के लिए तैयार किया गया था, लेकिन पर्याप्त स्थान होने के कारण इसमें दो अतिरिक्त बेड भी लगाए जा रहे हैं।
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सभी 34 बेड पर आधुनिक मानीटर लगाए जाएंगे, जिससे मरीजों की हृदय गति, रक्तचाप, आक्सीजन स्तर और अन्य महत्वपूर्ण मानकों की लगातार निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा चरणबद्ध तरीके से सभी बेड के लिए वेंटिलेटर की व्यवस्था भी की जाएगी।
इसके साथ ही नेहरू अस्पताल के पुराने कामन आइसीयू को भी सुदृढ़ करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। छह बेड वाले इस आइसीयू में पांच वेंटिलेटर खराब हो चुके हैं, जिससे उपचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कालेज प्रशासन ने इन्हें बदलने के लिए पांच नए वेंटिलेटर खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नए उपकरण मिलने के बाद पुराने आइसीयू की सेवाएं भी प्रभावी हो सकेंगी।
आइसीयू सुविधाओं के विस्तार से गंभीर रोगियों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सकेगी। रोगियों का सबसे ज्यादा भार मेडिसिन विभाग पर ही है, इसलिए नये आइसीयू वार्ड को मेडिसिन विभाग को देने का निर्णय लिया गया है। इसी सप्ताह इसे विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
-डा. धर्मेंद्र कुमार, प्राचार्य बीआरडी मेडिकल कालेज