विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोरखपुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद संक्रमण से एक और मरीज की गई आंख, एक दर्जन से अधिक रोगी चपेट में...

Updated: Mon, 09 Feb 2026 10:21 AM (IST)

गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद संक्रमण का मामला गंभीर हो गया है। ...और पढ़ें

मोतियाबिंद आपरेशन के बाद गंभीर संक्रमण के शिकार अर्जुन सिंह। सौ. स्वजन

मोतियाबिंद आपरेशन के बाद गंभीर संक्रमण के शिकार अर्जुन सिंह। सौ. स्वजन

HighLights

  1. न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में संक्रमण से आंख गंवाई।

  2. कुल दो मरीजों की आंखें गईं, दर्जन भर प्रभावित।

  3. सर्जरी सुरक्षा और निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में मोतियाबिंद आपरेशन के बाद फैले संक्रमण का मामला और गंभीर हो गया है। उपचार के दौरान एक और मरीज ने अपनी आंख गंवा दी। इसके पूर्व बारीगांव की देवराजी देवी भी अपनी बाईं आंख खो चुकी हैं। उनका भी उपचार एम्स दिल्ली में हो रहा था।

अब तक इस प्रकरण में दो मरीजों की आंख चली गई है। एक दर्जन से अधिक मरीजों का इलाज अलग-अलग शहरों में जारी है। घटना ने सर्जरी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सिकरीगंज क्षेत्र के इन्नाडीह गांव निवासी 80 वर्षीय अर्जुन सिंह की आंख में आपरेशन के बाद गंभीर संक्रमण फैल गया। एक फरवरी को न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में अर्जुन सिंह और उनके भाई राजेंद्र सिंह की बाईं आंख का मोतियाबिंद आपरेशन आयुष्मान योजना के अंतर्गत किया गया था।

तीसरे भाई विश्वनाथ सिंह ने बताया कि आपरेशन के अगले ही दिन दोनों मरीजों की आंखों से मवाद निकलने लगा और उल्टी शुरू हो गई। हालत बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने राजेंद्र सिंह को लखनऊ स्थित एसजीपीजीआइ भेजा, जहां इलाज के बाद कुछ सुधार हुआ। डॉक्टर ने बताया कि 15 दिन बाद दूसरा लेंस लगेगा।

इस समय वह अपने रिश्तेदार के यहां देवरिया में हैं। अर्जुन सिंह को छह फरवरी को वाराणसी के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, लेकिन वहां राहत नहीं मिली। दूसरे दिन शाम को वह घर आ गए। उनकी आंख से खून निकलने लगा, स्थिति और बिगड़ गई। न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल के संचालक ने आठ फरवरी को उन्हें एम्स दिल्ली भेजा।

उनकी आंख खराब हो चुकी है। इससे सभी स्वजन दुखी हैं। हम न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकायत करेंगे। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी शिकायत करेंगे। यह अस्पताल की लापरवाही से हुआ है।

यह भी पढ़ें- जागरण प्रभाव: गोरखपुर में न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल का ओटी सील,चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित

अर्जुन सिंह के पुत्र संजय सिंह ने बताया कि मेरे पापा की आंख चली गई है, हम लोग बहुत दुखी हैं। अस्पताल की घोर लापरवाही के चलते ऐसा हुआ है। इस प्रकरण में एक झोलाछाप की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। सभी मरीजों को प्रेरित कर उसने न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में आपरेशन करवाया। संक्रमण फैलने के बाद वही रोगियों के साथ दिल्ली भी गया है।

अस्पताल के संचालक राजेश राय ने बताया कि संक्रमण से पीड़ित सभी मरीजों के प्रति हमारी सहानुभूति है। सभी का अपने खर्चे से लखनऊ, वाराणसी व दिल्ली में बेहतर इलाज करवा रहा हूं। यह संयोग ही है कि ऐसा ऐसी घटना घटित हो गई। इसका मुझे बेहद अफसोस है। सभी मरीजों के लिए मैं हमेशा तत्पर रहूंगा और इलाज में किसी तरह का कसर नहीं छोडूंगा। सभी मरीज ठीक हो रहे हैं, कोई मरीज किसी प्रकार की शिकायत नहीं कर रहा है।