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    गोरखपुर में आग की लपटों में घिरे डंपर से आ रही चीखें सुन सहमे लोग, एक साथ दो कंकाल देख कांप उठे

    Updated: Fri, 29 May 2026 09:51 AM (GMT+05:30)

    गोरखपुर के लखनऊ फोरलेन पर एक भीषण सड़क हादसे में रांग साइड से आए डंपर और मक्का लदे ट्रक में टक्कर के बाद आग लग गई। इस दर्दनाक घटना में डंपर चालक सत्ये ...और पढ़ें

    लखनऊ कुशीनगर फोर लेन पर ट्रक व डंपर में भिड़ंत के बाद ट्रक में लगीं आग को बुझाते फायर बिग्रेड कर्मी। जागरण

    लखनऊ कुशीनगर फोर लेन पर ट्रक व डंपर में भिड़ंत के बाद ट्रक में लगीं आग को बुझाते फायर बिग्रेड कर्मी। जागरण

    HighLights

    1. गोरखपुर फोरलेन पर डंपर-ट्रक की भीषण टक्कर हुई।

    2. हादसे के बाद दोनों वाहन आग के गोले में बदले।

    3. डंपर चालक-खलासी जिंदा जले, केवल कंकाल बचे।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। हादसे के बाद लखनऊ फोरलेन पर दृश्य इतना भयावह था कि जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप उठी। रांग साइड आया डंपर टक्कर के बाद आग का गोला बन गया। कुछ ही मिनट में ट्रक भी धू-धू कर जलने लगा। हादसे की जानकारी होने पर ग्रामीण व राहगीर मौके पर पहुंचे। लेकिन आग इतनी भीषण थी कि डंपर के अंदर फंसे चालक और खलासी को बचाने की कोई हिम्मत नहीं ुजुटा सका।

    सुबह करीब पांच बजे तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर अजवनिया गांव और आसपास के लोग घरों से बाहर निकले। फोरलेन की तरफ पहुंचे तो देखा कि सड़क किनारे पलटा ट्रक और डंपर आग की लपटों में घिरे हैं। आसमान में दूर तक काला धुआं उठ रहा था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डंपर का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। चालक सत्येंद्र और खलासी शिवा पंडित केबिन में फंस गए। हादसे के कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया इसकी चपेट में मक्का लदा ट्रक भी आ गया।

    ग्रामीणों ने बताया कि डंपर के अंदर से मदद के लिए चीखने की आवाजें आ रही थीं। कुछ लोग हिम्मत जुटाकर गाड़ी के पास पहुंचे भी, लेकिन आग की तेज लपटों और धुएं के कारण पीछे हटना पड़ा। लोगों ने पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग लगातार फैलती चली गई। सूचना मिलने पर रामगढ़ताल थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।

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    दमकल की पांच गाड़ियां आग बुझाने में जुट गईं। करीब दो घंटे तक फोरलेन आग के मैदान में तब्दील रहा। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोग दूर खड़े होकर जलते ट्रक व डंपर को देख रहे थे। जब आग पर काबू पाया गया और दमकल कर्मी ट्रक के केबिन तक पहुंचे तो डंपर के केबिन का दृश्य देखकर सन्न रह गए। चालक और खलासी पूरी तरह जल चुके थे।

    उनके शरीर का केवल कंकाल बचा था। मौके पर मौजूद कई लोगों की आंखें यह दृश्य देखकर भर आईं। डंपर चालक के स्वजन हादसे की जानकारी मिलते ही बस्ती से गोरखपुर पहुंचे, जिसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए जांच हेतु नमूना भी लिया गया। वहीं खलासी शिवा के स्वजन फतेहपुर से देर शाम तक रामगढ़ताल थाने पहुंचे, जिसके कारण उसका पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अधिकारियों का कहना है कि डीएनए जांच से पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।