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    सिर में गोली लगने से हुई एक लाख के इनामी मुस्तफिजुल की मौत, तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 09:16 AM (GMT+05:30)

    गोरखपुर में एक लाख के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को मुठभेड़ में मार गिराया गया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गोली लगने से मौत की पुष्टि ...और पढ़ें

    मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू - सौ. एसटीएफ

    मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू - सौ. एसटीएफ 

    HighLights

    1. मुस्तफिजुल को सिर और दाहिने पैर में दो गोलियां लगीं।

    2. चिकित्सकों के अनुसार सिर में लगी गोली मौत का कारण बनी।

    3. वह बसपा नेता कमालुद्दीन की हत्या का मुख्य आरोपी था।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मुठभेड़ में मारे गए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू का मंगलवार को मेडिकल कालेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस में तीन डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बदमाश को दो गोलियां लगी थीं। एक गोली दाहिने पैर में लगी, जबकि दूसरी दाहिनी ओर सिर में आर-पार हो गई। चिकित्सकों के अनुसार सिर में लगी गोली ही मौत का कारण बनी।

    विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रात नौ बजे पुलिस ने शव परिवार को सौंप दिया, जिसके बाद परिवार शव लेकर आजमगढ़ रवाना हो गए। पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के अधिकारी पूरे समय मौजूद रहे। कोतवाली पुलिस ने पंचायतनामा भरवाने की कार्रवाई कराई।

    मंगलवार सुबह मुस्तफिजुल की बहन सबीना पत्नी सुफियान, भाभी नरगिस पत्नी खुर्शीद और अन्य रिश्तेदार मोच्र्यूरी पहुंचे। पहचान होने के बाद भाभी व बहन ने पोस्टमार्टम से पहले उस स्थान को देखने की मांग की, जहां मुठभेड़ हुई थी। पुलिस ने उनकी यह मांग पूरी कराई।

    घटनास्थल देखने के बाद ही उन्होंने पंचायतनामा की प्रक्रिया पूरी कराई। भाभी नरगिस के अनुसार मुस्तफिजुल पिछले 18 वर्षों से घर नहीं आया था। वह परिवार में नौ भाइयों में सबसे छोटा था और उसकी दो बहनें हैं। उन्होंने बताया कि उसके पिता इब्राहिम होमगार्ड थे। लंबे समय से फरार रहने के कारण उसका परिवार से भी संपर्क बहुत सीमित था।

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    छह वर्ष में तीसरी बड़ी मुठभेड़
    मुस्तफिजुल की मौत के साथ गोरखपुर में पिछले करीब छह वर्ष में पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई में मारे गए बड़े अपराधियों की संख्या तीन हो गई है। इससे पहले 10 जून 2020 को गुलरिहा थाना क्षेत्र के नौतन में गोरखपुर पुलिस ने महराजगंज के श्यामदेउरवा निवासी बदमाश विपिन सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया था।

    इसके बाद जून 2021 में चिलुआताल और पीपीगंज थाना क्षेत्र की सीमा पर एसटीएफ ने एक लाख रुपये के इनामी परवेज अहमद को मुठभेड़ में ढेर किया था। परवेज मूल रूप से अंबेडकरनगर का रहने वाला था और कुख्यात गैंगस्टर खान मुबारक का शार्प शूटर माना जाता था।


    बसपा नेता के प्रधान बेटे ने कहा लंबे समय बाद मिला न्याय
    बहुजन समाज पार्टी से दो बार निजामाबाद क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके कमालुद्दीन की हत्या करने वाले एक लाख के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना मंगलवार की सुबह गांव के लोगों को हुई। बसपा नेता के पुत्र व खुंदनपुर के ग्राम प्रधान फुरकान ने कहा कि ‘अब अब्बू हम सबके बीच नहीं हैं, यह दुखद है। आरोपित प्रधानी के चुनाव को लेकर रंजिश रखता था। अम्मी पांच बार ग्राम प्रधान रहीं और राज्यपाल से सम्मानित हुईं थीं। मेरे पिता की हत्या करने वाले मुस्तफिजुल को उसकी करनी का फल मिल गया है।

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    मेंहनगर प्रतिनिधि के अनुसार मुस्तफिजुल रहमान ने वर्ष -2008 में बसपा नेता कमालुद्दीन पर गोली चलाई थी। इसके बाद वर्ष -2011 में भी गांव के ही एहत्साम हसन पर गोली चलाकर फरार हो गया था। इस मामले में कमालुद्दीन ने ही बदमाश के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। अपनी फरारी के दौरान ही गांव के इरशाद अहमद की वर्ष- 2012 में गोली मारकर हत्या करने के बाद मुस्तफिजुल रहमान भाग गया था।

    इसी दौरान वर्ष- 2021 में बसपा नेता कमालुद्दीन की गांव के पास ही गोली मारकर हत्या कर दी। बसपा नेता कलामुद्दीन की हत्या में मुस्तफिजुल के साथ ही अहमद, अलीशेर और अब्दुल्ला को नामजद आरोपित बनाया गया। इस मामले में 20 फरवरी- 2026 को तीनों आरोपित दोषमुक्त हो गए। बसपा नेता की हत्या के मामले में सिर्फ मुस्तफिजुल ही फरार चल रहा था।