गोरखपुर में त्योहारों से पहले बढ़ी महंगाई, बेसन, दाल और मेवे हुए महंगे
त्योहारों और लग्न के मौसम से पहले गोरखपुर में महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। बेसन, दाल, चीनी ...और पढ़ें

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HighLights
गोरखपुर में त्योहारों से पहले खाद्य सामग्री के दाम बढ़े।
बेसन, दाल, चीनी और मेवों की कीमतों में तेजी।
जमाखोरी और सट्टेबाजी से महंगाई बढ़ने का आरोप।
प्रभात कुमार पाठक, गोरखपुर। त्योहार और लग्न का सीजन शुरू होने से पहले ही महंगाई ने एक बार फिर लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। बाजार में रोजमर्रा की खाद्य सामग्री के साथ ही मेवा के दामों में भी तेजी देखने को मिल रही है। बेसन के दाम पांच रुपये बढ़कर करीब 115 से 120 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गए हैं।
वहीं चना दाल और अरहर दाल के भाव में भी पांच से सात रुपये प्रति किग्रा की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में त्योहारों पर पकवान बनाने की तैयारी कर रहे परिवारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है।
चायपत्ती के दाम में भी 30 से 40 रुपये तक की तेजी से चाय की चुस्की भी महंगी हो गई है। दूसरी ओर चीनी पहले से ही करीब 65 रुपये प्रति किग्रा तक बिक रही है। त्योहार और लग्न में मिठाई, पकवान और अन्य घरेलू व्यंजनों में चीनी की खपत बढ़ने से लोगों को बढ़े हुए भाव का सीधा असर महसूस होगा।
थोक कारोबारी व चेंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने बताया कि भाव में कमी तब तक नहीं होगी जब तक सरकार महंगाई पर नियंत्रण नहीं लगाएगी। वर्तमान में बाजार में दाल, तेल, चावल व चीनी के पर्याप्त स्टाक मौजूद है। बावजूद इसके जमाखोर व स्ट्टेबाज भाव में निरंतर बढ़ोतरी बनाए हुए हैं, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
मेवा बाजार भी हुआ गर्म
त्योहारों के साथ शादी-विवाह के मौसम में मेवा की मांग बढ़ने लगी है। इसका असर बाजार भाव पर भी दिखाई दे रहा है। डाईफूट व किराना कारोबारी निकुंज टेकड़ीवाल के अनुसार पिछले दो माह में बादाम के दाम में करीब 300 रुपये प्रति किग्रा की तेजी आई है। किशमिश भी 30 से 40 रुपये प्रति किग्रा महंगी हुई है। वहीं हरे पिस्ते के दाम में महज डेढ़ माह के भीतर करीब 300 रुपये प्रति किग्रा की बढ़ोतरी बताई जा रही है।

मिठाई और पकवान पर बढ़ेगा खर्च
बाजार में दाल, बेसन, चीनी और मेवा के दाम बढ़ने का असर त्योहारों की खरीदारी पर पड़ने की संभावना है। घर में बनने वाले नमकीन, पकौड़े और अन्य बेसन आधारित पकवानों के साथ मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले मेवा की लागत भी बढ़ गई है। कारोबारी संजय भारती का कहना है कि त्योहार और लग्न नजदीक आने के साथ मांग में और इजाफा हुआ तो कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
