गोरखपुर : चौरी-चौरा में फैक्ट्री पर FSDA का छापा, 400 KG नकली घी सीज; अमूल समेत कई कंपनियों के रैपर बरामद
एफएसडीए टीम ने चौरी-चौरा के सहसराव में तनवी इंटरप्राइजेज पर छापा मारकर लगभग 400 किलोग्राम मिथ्याछाप घी और नामी कंपनियों के रैपर बरामद किए। घी को सीज क ...और पढ़ें

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HighLights
एफएसडीए ने चौरी-चौरा में नकली घी फैक्ट्री पर छापा मारा।
लगभग 400 किलोग्राम मिथ्याछाप घी और ब्रांडेड रैपर बरामद किए गए।
पांच घी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोपनीय सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने शुक्रवार को चौरी-चौरा के सहसराव स्थित तनवी इंटरप्राइजेज में छापा मारकर करीब 400 किलोग्राम मिथ्याछाप घी के साथ नामी कंपनियों के बड़ी संख्या में रैपर व पैकेजिंग सामग्री बरामद की। पूरी खेप को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि घी के पांच नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II एवं अभिहित अधिकारी डा. सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में अधिकारियों ने यूनिट के भीतर रखे संदिग्ध घी की जांच की। तलाशी के दौरान अमूल, पतंजलि, मधुसूदन, रायल और हरियाणा ब्रांड के रैपर बड़ी मात्रा में बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि इन रैपरों को दिल्ली से मंगाया गया था।टीम ने सभी रैपरों को जब्त कर लिया है और उनकी भी जांच की जा रही है।
मौके पर बरामद घी को सीज करने के साथ ही गुणवत्ता की जांच के लिए पांच नमूने एकत्र किए गए। इन्हें राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि बरामद घी खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।
होगी कठोर कार्रवाई
यदि नमूने जांच में असुरक्षित अथवा मिलावटी पाए जाते हैं तो संबंधित कारोबारकर्ता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा नियमावली, 2011 के तहत कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
एफएसडीए अधिकारियों को आशंका है कि इन रैपरों का इस्तेमाल कर संदिग्ध घी को नामी ब्रांड के रूप में पैक कर बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि विभाग का कहना है कि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और आगे की विवेचना के बाद ही निकाला जाएगा।
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छापेमारी दल में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुधीर राय के अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारी नागेंद्र चौधरी, संदीप सिंह, सत्यराम यादव और ओम प्रकाश शामिल रहे। विभाग का कहना है कि जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है तथा संदिग्ध इकाइयों पर निगरानी भी बढ़ाई गई है।
मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मौके से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट मिलते ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। -डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त (खाद्य)-II एवं अभिहित अधिकारी, गोरखपुर