गोरखपुर में डीजल-पेट्रोल का है चार गुणा स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं
गोरखपुर में डीजल-पेट्रोल की कमी की अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने 32.26 लाख लीटर से अधिक ईंधन का स्टॉक होने का दावा किया है, जो सामान्य बिक्री से चार ...और पढ़ें

गोरखपुर जिले में 32 लाख 26 हजार लीटर डीजल-पेट्रोल का स्टॉक। जागरण
HighLights
गोरखपुर में 32.26 लाख लीटर डीजल-पेट्रोल का स्टॉक मौजूद।
यह स्टॉक सामान्य दैनिक बिक्री से चार गुना अधिक है।
जिला प्रशासन ने पंप मालिकों को पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने को कहा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पेट्रोल और डीजल के लिए बेवजह परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। जिला प्रशासन का दावा है कि किसी को पेट्रोल-डीजल की कमी न पड़े इसके लिए जिले में 32 लाख 26 हजार लीटर तेल का स्टाक करा दिया गया है।
इसमें 14 लाख 95 हजार लीटर पेट्रोल और 17 लाख 31 हजार लीटर डीजल है। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने देवरिया स्थित बैतालपुर डिपो से संपर्क कर आन डिमांड पेट्रोल व डीजल उपलब्ध कराने को कहा है।
जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में जिले में रोजाना नौ लाख 31 हजार लीटर डीजल-पेट्रोल की बिक्री होती है। इसमें तीन लाख 73 हजार लीटर पेट्रोल और पांच लाख 58 हजार लीटर डीजल शामिल है। दो दिनों में अफवाह फैलने के कारण बिना किसी विशेष प्रयोजन ग्राहकों ने तकरीबन चार गुणा पेट्रोल व डीजल की खरीद कर ली।
इस कारण पंपों पर स्टाक कम हो गया। पंप पर तेल की कमी को देखते हुए बैतालपुर डिपो के अधिकारियों से बात कर आपूर्ति बढ़ा दी गई। गुरुवार को जिले में नौ लाख 33 हजार लीटर पेट्रोल और 14 लाख 14 हजार लीटर डीजल की आपूर्ति की गई।
गुरुवार को जिले में 32 लाख 26 हजार लीटर तेल का स्टाक हो गया, जो सामान्य दिनों की बिक्री से चार गुणा अधिक है। गुरुवार देर रात कई पंप खुले रहने के बाद भी कोई खरीद करने नहीं पहुंचा। शुक्रवार को कहीं तेल की मारामारी नहीं रहेगी।
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जिले में 243 पेट्रोल पंप
- इंडियन आयल - 128
- भारत पेट्रोलियम - 53
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम - 56
- रिलायंस - 03
- न्यारा - 02
आपूर्ति विभाग ने पंप मालिकों को दी चेतावनी
जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि तेल की कोई दिक्कत नहीं है। अब तेल के लिए एडवांस रुपये जमा करने होते हैं। यदि किसी पंप मालिक ने एडवांस रुपये जमा कर तेल नहीं मंगाए और बिक्री बंद की तो उनको नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। जवाब संतोषजनक न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।