गोरखपुर में 371 करोड़ की लागत से विकसित होगी आवासीय टाउनशिप, सात श्रेणियों में होंगे 855 प्लॉट
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र में 371 करोड़ रुपये की लागत से 855 आवासीय भूखंडों वाली टाउनशिप विकसित की जाएगी।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
गीडा में 371 करोड़ की आवासीय टाउनशिप प्रस्तावित।
855 आवासीय भूखंड सात श्रेणियों में विकसित होंगे।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के साथ आवासीय सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम चकभोप में विकसित सेक्टर-25 में 371 करोड़ रुपये की लागत से आवासीय टाउनशिप बसाने की योजना प्रस्तावित की गई है।
इस योजना के तहत कुल 855 आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे। इनमें 90 से लेकर 300 वर्गमीटर तक के भूखंड शामिल होंगे। योजना का उद्देश्य गीडा क्षेत्र में स्थापित उद्योगों के उद्यमियों, कर्मचारियों और आसपास के स्थानीय लोगों को बेहतर स्थान पर आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है।
यह आवासीय योजना गीडा के अधिसूचित क्षेत्र में ग्राम चकभोप में विकसित सेक्टर-25 में प्रस्तावित है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी लोकेशन है। यह क्षेत्र गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के बिल्कुल पास स्थित है, जो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ता है।
इससे यहां रहने वाले लोगों को गोरखपुर के साथ प्रदेश के दूसरे प्रमुख शहरों तक आवागमन में भी सुविधा मिलेगी। गीडा क्षेत्र में उद्योगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसे आवासीय जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
सात श्रेणियों में विकसित होंगे 855 भूखंड
योजना में अलग-अलग जरूरत और आर्थिक क्षमता वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए सात श्रेणियों में भूखंड निर्धारित किए गए हैं। सबसे बड़े 300 वर्गमीटर के 129 भूखंड होंगे। वहीं, 250 वर्गमीटर के 89, 200 वर्गमीटर के 157 और 180 वर्गमीटर के 103 भूखंड प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 150 वर्गमीटर के 118, 120 वर्गमीटर के 162 और 90 वर्गमीटर के 97 भूखंड विकसित किए जाएंगे। इस तरह कुल 855 भूखंडों का आवंटन किया जाना है।
सड़क, नाली और पार्क सहित मिलेंगी सुविधाएं
टाउनशिप को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने के लिए सड़क, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और पार्क की समुचित व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए योजना में आधारभूत सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य केवल आवासीय भूखंड उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को एक व्यवस्थित आवासीय क्षेत्र देना है, जहां उन्हें जरूरी सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकें।
दो चरणों में होगा भूखंडों का आवंटन
योजना के तहत विकसित किए जाने वाले 855 भूखंडों का आवंटन दो चरणों में किया जाएगा। इससे अलग-अलग श्रेणियों के भूखंडों को चरणबद्ध तरीके से आवंटित करने में सुविधा होगी। इसके अलावा गीडा क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक इकाइयों, संस्थागत और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों के लिए भी किफायती दरों पर ईडब्ल्यूएस और एलआइजी श्रेणी के आवासीय भवन प्रस्तावित किए गए हैं।
गीडा में लगातार नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं। इसके चलते उद्यमियों के साथ ही कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए आवास की मांग भी बढ़ रही है। अभी औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कई लोगों को आवागमन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से आना पड़ता है। ऐसे में सेक्टर-25 की आवासीय योजना से उद्योगों के आसपास ही आवास की सुविधा विकसित करने में मदद मिलेगी। 371 करोड़ रुपये की यह परियोजना गीडा के औद्योगिक विकास को आवासीय सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। -रामप्रकाश, एसीईओ, गीडा।
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