गोरखपुर बालिका हत्याकांड में छह दिन में चार्जशीट, बर्खास्त सिपाही ने बरामद कराया बांका
गोरखपुर में 10 वर्षीय बालिका के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या मामले में पुलिस ने मात्र छह दिन में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। बर्खास्त सिपाही अभिषेक यादव की ...और पढ़ें

बालिका हत्याकांड का आरोपी। जागरण
HighLights
गोरखपुर बालिका हत्याकांड में छह दिन में आरोपपत्र दाखिल।
बर्खास्त सिपाही अभिषेक यादव ने बांका बरामद कराया।
पुलिस का लक्ष्य फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित सुनवाई।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। कोतवाली क्षेत्र की 10 वर्षीय बालिका के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में गोरखपुर पुलिस ने तेजी से विवेचना पूरी करते हुए महज छह दिन में आरोपपत्र (चार्जशीट) लगा दिया है। इससे पहले मंगलवार को 10 घंटे की स्वीकृत पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान बर्खास्त सिपाही अभिषेक यादव की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांका (धारदार हथियार) बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि अब अगला लक्ष्य फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित सुनवाई कराकर आरोपित को कठोरतम सजा दिलाना है।
मंगलवार सुबह छह बजे कड़ी सुरक्षा के बीच अभिषेक यादव को जिला कारागार से कस्टडी रिमांड पर लेकर कोतवाली थाना पुलिस निकली। विवेचक उसे सबसे पहले जिला अस्पताल ले गए, जहां से उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठाया था। इसके बाद पुलिस उसी मार्ग से चिउटहा पुल के पास स्थित श्मशान घाट और फिर उस स्थान पर पहुंची, जहां बच्ची का शव मिला था।
घटनास्थल पर पूरे घटनाक्रम का सीन रीक्रिएशन कराया गया। पूछताछ के दौरान आरोपित की निशानदेही पर घटनास्थल के पास झाड़ियों से हत्या में प्रयुक्त बांका बरामद किया गया। पुलिस ने इसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। रिमांड के दौरान विवेचक आरोपित को पुलिस लाइन स्थित उसके सरकारी कमरे में भी ले गए। कमरे का निरीक्षण कर उसे सील कर दिया गया और वहां से मिले साक्ष्यों को भी विवेचना का हिस्सा बनाया गया।
आरोपित दोपहर 12:45 बजे तक कस्टडी रिमांड पर रहा। 6:45 घंटे उससे विवेचक प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली पंकज सिंह ने पूछताछ की। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों से मिलान करने के बाद मंगलवार देर शाम आरोपपत्र दाखिल कर दिया।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि अब इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित कर प्रभावी पैरवी की जाएगी, ताकि उपलब्ध वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपित को जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाई जा सके।
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छह दिन में यहां तक पहुंची विवेचना
28 जुलाई की रात में बच्ची का अपहरण हुआ। 29 जुलाई की दोपहर में अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ। 30 जुलाई को शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम में दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई। 31 जुलाई को मुकदमे में दुष्कर्म,पाक्सो एक्ट और हत्या की धाराएं बढ़ाई गईं तथा आरोपित सिपाही अभिषेक यादव को जेल भेज दिया गया।
उसी दिन एसएसपी ने उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया। एक अगस्त को पुलिस ने कस्टडी रिमांड के लिए न्यायालय में अर्जी दी। तीन अगस्त को अदालत ने 10 घंटे की रिमांड मंजूर की। चार अगस्त को रिमांड के दौरान हत्या का हथियार बरामद करने के बाद देर शाम पुलिस ने छह दिन के भीतर आरोपपत्र दाखिल कर दिया।