गोरखपुर में मूसलाधार बारिश से चारों तरफ पानी-पानी, प्रमुख मार्गों और कालोनियों में जलभराव
गोरखपुर में मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों ...और पढ़ें
HighLights
गोरखपुर में मूसलाधार बारिश से सड़कों पर भारी जलभराव।
नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की खामियां उजागर हुईं।
दुकानों-घरों में पानी घुसने से लोगों को आर्थिक नुकसान।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। देर रात शुरू हुई तेज बारिश ने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था का सच बयां कर दिया। रातभर हुई वर्षा के बाद शनिवार सुबह शहर के कई प्रमुख मार्गों, बाजारों और निचले इलाकों में एक से तीन फीट तक पानी भर गया। जलभराव के कारण लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए, जबकि दुकानों और घरों में पानी घुसने से व्यापारियों व स्थानीय लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।
सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में दाउदपुर रहा, जहां घंटों करीब डेढ़ फीट तक पानी जमा रहा। जिला परिषद मार्ग पर भी लोगों को जलभराव के बीच होकर गुजरना पड़ा। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नगर निगम कार्यालय परिसर में पार्क के सामने सुबह आठ बजे तक डेढ़ से दो फीट पानी भरा रहा।
बैंक रोड, विजय चौराहे से अलीनगर, घोस कंपनी और माया बाजार रोड पर भी लंबे समय तक जलभराव बना रहा। असुरन चौराहा से गीता वाटिका मार्ग पर राप्ती कॉम्प्लेक्स की चहारदीवारी गिरने से नाले का पानी आसपास के दुकानदारों के घरों में घुस गया।

राप्तीनगर कॉम्प्लेक्स में दुकानों में घुसा पानी। जागरण
रेती रोड और माया बाजार मार्ग पर भी कई दुकानों और प्रतिष्ठानों में पानी भर जाने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हुआ। आरटीओ रोड पर भी भारी जलभराव देखने को मिला।
देवरिया बाईपास मार्ग पर पंचमुखी हनुमान मंदिर से भगत चौराहे तक आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियां जलमग्न रहीं। चंपा देवी पार्क से गोरक्ष एनक्लेव के बीच सड़क नीची होने और नाले में पानी का बहाव बाधित रहने के कारण करीब दो फीट तक पानी जमा रहा। जलभराव के बीच कई बाइक सवार फिसलकर गिर पड़े और चोटिल हो गए।
शहर के निचले इलाकों बहरामपुर, इलाहीबाग, तिवारीपुर, साहबगंज, मोहरीपुर और जागर बाजार में हालात और भी खराब रहे। लोगों को घरों से निकलने में भारी दिक्कत हुई और दैनिक गतिविधियां प्रभावित रहीं। बारिश थमने के बाद नगर निगम की टीमें सुबह करीब आठ बजे सक्रिय हुईं।

गीता प्रेस के सामने जलभराव। जागरण
विभिन्न स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया गया। सुबह करीब पौने नौ बजे तक कई इलाकों में जलभराव कम होने से लोगों को राहत मिली। नगर आयुक्त अजय जैन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में रहकर जलनिकासी कार्य तेज करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
देर रात शुरू हुई तेज बारिश ने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था का सच बयां कर दिया। रातभर हुई वर्षा के बाद शनिवार सुबह शहर के कई प्रमुख मार्गों, बाजारों और निचले इलाकों में एक से तीन फीट तक पानी भर गया। जलभराव के कारण लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए, जबकि दुकानों और घरों में पानी घुसने से व्यापारियों व स्थानीय लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।

लाल डिग्गी रोड पर जलजमाव।
सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में दाउदपुर रहा, जहां घंटों करीब डेढ़ फीट तक पानी जमा रहा। जिला परिषद मार्ग पर भी लोगों को जलभराव के बीच होकर गुजरना पड़ा। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नगर निगम कार्यालय परिसर में पार्क के सामने सुबह आठ बजे तक डेढ़ से दो फीट पानी भरा रहा।
बैंक रोड, विजय चौराहे से अलीनगर, घोस कंपनी और माया बाजार रोड पर भी लंबे समय तक जलभराव बना रहा। असुरन चौराहा से गीता वाटिका मार्ग पर राप्ती कॉम्प्लेक्स की चहारदीवारी गिरने से नाले का पानी आसपास के दुकानदारों के घरों में घुस गया। रेती रोड और माया बाजार मार्ग पर भी कई दुकानों और प्रतिष्ठानों में पानी भर जाने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हुआ। आरटीओ रोड पर भी भारी जलभराव देखने को मिला।

बिलंदपुर मोहल्ले में जलभराव।
देवरिया बाईपास मार्ग पर पंचमुखी हनुमान मंदिर से भगत चौराहे तक आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियां जलमग्न रहीं। चंपा देवी पार्क से गोरक्ष एनक्लेव के बीच सड़क नीची होने और नाले में पानी का बहाव बाधित रहने के कारण करीब दो फीट तक पानी जमा रहा। जलभराव के बीच कई बाइक सवार फिसलकर गिर पड़े और चोटिल हो गए।
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शहर के निचले इलाकों बहरामपुर, इलाहीबाग, तिवारीपुर, साहबगंज, मोहरीपुर और जागर बाजार में हालात और भी खराब रहे। लोगों को घरों से निकलने में भारी दिक्कत हुई और दैनिक गतिविधियां प्रभावित रहीं। बारिश थमने के बाद नगर निगम की टीमें सुबह करीब आठ बजे सक्रिय हुईं।

कालेपुर बांसगांव मोहल्ले में जलभराव
विभिन्न स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया गया। सुबह करीब पौने नौ बजे तक कई इलाकों में जलभराव कम होने से लोगों को राहत मिली। नगर आयुक्त अजय जैन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में रहकर जलनिकासी कार्य तेज करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
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