गोरखपुर BRD मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदारों को बंधक बनाकर पीटा, मोबाइल फोन तोड़ा
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदारों को कमरे में बंद कर पीटा और मोबाइल फोन तोड़ दिया। यह घटना वार्ड नंबर ...और पढ़ें

बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
HighLights
जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदारों को कमरे में बंद कर पीटा।
महिलाओं के मोबाइल फोन छीने, एक फोन तोड़ दिया।
सुरक्षा गार्ड तमाशबीन बने रहे, पुलिस ने छुड़ाया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कालेज के नेहरू अस्पताल के वार्ड नंबर नौ में बुधवार की दोपहर जूनियर डाक्टरों ने तीन तीमारदारों को कमरे में बंद कर तीन बार पीटा। इससे अफरातफरी का माहौल हो गया और वार्ड में मौजूद अन्य तीमारदार अपने रोगियों को बेड पर छोड़कर गलियारे में भाग गए।
आरोप है कि मारपीट का वीडियो बना रही महिलाओं से अभद्रता करते हुए जूनियर डाक्टरों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। एक महिला का मोबाइल फोन तोड़ भी दिया। इस दौरान सुरक्षा गार्ड तमाशबीन बने रहे।
मेडिकल कालेज चौकी पुलिस ने तीमारदारों को छुड़ाया और चौकी पर ले आई। इस घटना के पंद्रह घंटे पहले मंगलवार की रात लगभग 11 बजे भी वार्ड नंबर तीन में जूनियर डाक्टरों द्वारा तीमारदार को पीटने की घटना हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कुशीनगर के अकटहिया खोठ्ठा बाजार के 72 वर्षीय वीरेंद्र तिवारी हृदय रोग से ग्रस्त हैं। उन्हें चार दिन पहले नेहरू अस्पताल के मेडिसिन वार्ड नंबर नौ में भर्ती कराया गया था। बुधवार को रोगी को सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक के कार्डियोलाजी विभाग में रेफर किया गया।
कार्डियोलाजिस्ट ने जांच के बाद रोगी को दो दिन और भर्ती रखने की सलाह दी। तीमारदार जब रोगी को वापस वार्ड नंबर नौ में लेकर पहुंचे तो वहां मौजूद एक जूनियर डाक्टर ने रोगी को घर ले जाने की बात कही। तीमारदारों ने जब कार्डियोलाजिस्ट की सलाह का हवाला दिया तो जूनियर डाक्टर भड़क गया और गाली-गलौच शुरू कर दी।
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इस दौरान करीब 15-20 जूनियर डाक्टर पहुंच गए और तीन तीमारदारों को कमरे में बंद कर बुरी तरह पीटा। बिहार के छपरा निवासी रीना सिंह अपने भाई कृष्णा का इलाज करा रही हैं। उनका आरोप है कि उनका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया गया। तीमारदारों का आरोप है कि उन्हें अलग-अलग कमरों में बंद कर तीन बार पीटा गया।
जूनियर डाक्टरों ने भी लगाया तीमारदारों पर मारपीट का आरोप
पुलिस के पहुंचने पर जूनियर डाक्टरों ने भी तीमारदारों पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मारपीट तीमारदारों ने ही शुरू की थी। वे तनाव में थे। कोई बात समझने को राजी नहीं थे। गाली-गलौच उन्होंने ही शुरू की थी।
मामला संज्ञान में है। तीमारदारों को पुलिस ले गई है। इस मामले में लिखित शिकायत अभी तक मिली नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डा. बीएन शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक नेहरू अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कालेज