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    गोरखपुर का काजल हत्याकांड में दो दोषियों को उम्रकैद, दो-दो लाख से अधिक का जुर्माना

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 10:24 AM (IST)

    गोरखपुर के चर्चित काजल हत्याकांड में दो अभियुक्तों हरीश और राजन तिवारी को आजीवन कारावास और 2.11 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह फैसला 2021 म ...और पढ़ें

    काजल हत्याकांड। जागरण

    काजल हत्याकांड। जागरण

    HighLights

    1. दो अभियुक्तों को काजल हत्याकांड में आजीवन कारावास मिला।

    2. न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 2.11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

    3. मुख्य आरोपित विजय प्रजापति पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। काजल हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-2) नितिन कुमार ठाकुर ने हत्या का आरोप सिद्ध पाए जाने पर दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सहारनपुर जिले के देवबंद थाना क्षेत्र के हाशिमपुरा निवासी हरीश तथा गोरखपुर के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के टांडा निवासी राजन तिवारी पर दो-दो लाख 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसमें दो-दो लाख रुपये प्रतिकर के रूप में पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे।

    अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम प्रकाश सिंह ने न्यायालय को बताया कि गगहा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर भलुआन गांव निवासी राजीव नयन सिंह 20 अगस्त 2021 की रात अपने परिवार के साथ घर पर थे। रात करीब 11:30 बजे हरीश और अन्य लोग उनके घर पहुंचे।

    दरवाजा खुलते ही आरोपित घर में घुस आए और राजीव नयन सिंह के साथ मारपीट करने लगे। शोर सुनकर उनकी पत्नी और 16 वर्षीय पुत्री काजल सिंह, जो दसवीं की छात्रा थी, मौके पर पहुंची। काजल अपने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो बनाने लगी। अभियोजन के अनुसार, इससे नाराज होकर आरोपितों ने उसे गोली मार दी।

    वारदात के बाद आरोपित मोबाइल और अंगूठी लेकर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल काजल की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना कर राजन तिवारी और हरीश को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपित एक लाख रुपये का इनामी विजय प्रजापति सितंबर 2021 में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।

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    सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत गवाहों, दस्तावेजी और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। आरोप सिद्ध पाए जाने पर दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 2.11 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अदालत के इस फैसले से करीब पांच वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड में पीड़ित परिवार को न्याय मिला।