गोरखपुर में LIC एजेंट ने 15 साल तक दी फर्जी रसीदें, 80 हजार हड़पे; FIR दर्ज
गोरखपुर में एक एलआईसी एजेंट पर 15 साल तक फर्जी रसीदें देकर बीमा किस्त वसूलने और 80 हजार रुपये हड़पने ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
एलआईसी एजेंट ने 15 साल तक फर्जी रसीदें दीं।
पॉलिसीधारक से 80 हजार रुपये की ठगी की गई।
गोरखनाथ पुलिस ने एजेंट पर धोखाधड़ी का केस किया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जीवन बीमा पालिसी के नाम पर 15 साल तक फर्जी रसीद देकर किस्त की रकम वसूलने के आरोप में गोरखनाथ पुलिस ने एलआइसी एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
आरोप है कि पालिसी की अवधि पूरी होने के बाद जब धारक तारामंडल स्थित एलआइसी कार्यालय पहुंचा तो पता चला कि उसकी पालिसी मई 2010 में ही बंद है। एजेंट की ओर से दी गई रसीदें भी जांच में फर्जी मिलीं। पीड़ित ने करीब 80 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया है।
बेनीगंज निवासी सीताराम उपाध्याय निजी कंपनी में काम करते हैं। गोरखनाथ थाना पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने लिखा है कि वर्ष 2009 में एलआइसी एजेंट बाल गोविंद दुबे के माध्यम से बीमा पालिसी ली थी जिसकी किस्त 1322 रुपये हर तीसरे महीने एजेंट को देते थे। एजेंट हर बार रकम लेने के बाद रसीद देता था।
पालिसी की अवधि पूरी होने पर वह तारामंडल स्थित एलआइसी कार्यालय पहुंचे। वहां जब उन्होंने एजेंट की ओर से दी गई रसीदें दिखाईं तो कर्मचारियों ने बताया कि रसीदें फर्जी हैं।
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एजेंट ने वर्ष 2010 से मई 2025 तक उनसे किस्त के नाम पर रकम ली, लेकिन एक भी रुपये जमा नहीं किया। इस तरह करीब 80 हजार रुपये हड़प लिए गए। सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रह है। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई होगी।
