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    गोरखपुर ग्रामीण विधायक का रिपोर्ट कार्ड: बड़े प्रोजेक्ट तो जनता को मिले पर स्थानीय समस्याएं अब भी बरकरार

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 12:06 AM (IST)

    गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह के साढ़े चार साल के कार्यकाल में बड़े आधारभूत ढांचे का विकास हुआ, लेकिन गांवों की स्थानीय समस्याएं अभी भी बनी हुई है ...और पढ़ें

    गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह

    गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह

    HighLights

    1. विधायक विपिन सिंह के कार्यकाल में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स हुए।

    2. सड़क, पुल, बाढ़ सुरक्षा और स्टेडियम जैसे कार्य प्रमुख उपलब्धियां।

    3. जलभराव, जर्जर सड़कें और स्थानीय मुद्दे अभी भी अनसुलझे।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा से विधायक विपिन सिंह के साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल का मूल्यांकन करें तो उनका कार्यकाल बड़े आधारभूत ढांचे के विकास और कुछ स्थानीय समस्याओं के बीच संतुलन साधने वाला दिखाई देता है।

    एक ओर क्षेत्र में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं को गति मिली है, वहीं दूसरी ओर गांवों से जुड़ी कई छोटी लेकिन महत्वपूर्ण समस्याएं अभी भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं। विधायक के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि सड़क, पुल और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को मानी जा सकती है।

    राप्ती नदी पर बाढ़ सुरक्षा कार्य, मलौनी बंधा, नौसढ़ फोरलेन, ट्रांसपोर्ट नगर फ्लाईओवर, राजघाट क्षेत्र में अतिरिक्त लेन सेतु, गोरखपुर एयरपोर्ट से खोराबार तक सड़क चौड़ीकरण, डिजिटल ग्राम पंचायत भवनों का निर्माण, विरासत गलियारा और विभिन्न संपर्क मार्गों और प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण जैसे कार्यों ने क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत किया है।

    इसके अलावा पशु चिकित्सा महाविद्यालय, एनसीसी अकादमी और ताल नदौर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जैसी परियोजनाओं ने विधानसभा क्षेत्र को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    हालांकि विकास की इस तस्वीर का दूसरा पक्ष भी है। विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में जलभराव, खराब संपर्क मार्ग, यात्री शेड का अभाव और जर्जर सड़कों की मरम्मत जैसी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े प्रोजेक्टों के साथ-साथ गांवों की रोजमर्रा की जरूरतों पर अपेक्षित गति से काम नहीं हो सका।

    विपक्ष भी इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर सरकार और विधायक को घेरने की तैयारी में है। उनका आरोप है कि कई योजनाओं की घोषणा तो हुई, लेकिन उनका पूरा लाभ अभी तक आम लोगों तक नहीं पहुंच पाया है।

    आगे की योजनाओं में मिर्जापुर में पुल का निर्माण, विभिन्न स्थानों पर यात्री शेड, बची हुई जर्जर सड़कों का जीर्णोद्धार और ताल नदौर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक सुगम पहुंच के लिए नौसढ़ में ओवरब्रिज का निर्माण प्रमुख हैं। विधायक इन परियोजनाओं की प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ा चुके हैं और इनके पूरा होने पर क्षेत्र को अतिरिक्त सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

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    इन तथ्योंं के आधार पर विपिन सिंह का साढ़े चार वर्ष का कार्यकाल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों और विकास योजनाओं के कारण प्रभावशाली माना जा सकता है। हालांकि अंतिम मूल्यांकन इस बात पर निर्भर करेगा कि शेष अधूरे कार्य कितनी तेजी से पूरे होते हैं और गांवों की बुनियादी समस्याओं का समाधान किस स्तर तक हो पाता है। आगामी विधानसभा चुनाव में विकास की उपलब्धियां और अधूरे कार्य, दोनों ही मतदाताओं के निर्णय को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दे रहेंगे।

    • कुल मतदाता : 382880
    • पुरुष मतदाता : 205992
    • महिला मतदाता : 176868


    क्षेत्र के विकास को नई पहचान देना शुरू से हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। बीते साढ़े चार वर्षों में सड़क, पुल, बाढ़ सुरक्षा, फ्लाईओवर, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए गए हैं। हमारा लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना रहा है। क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं। अब अगले चरण में मिर्जापुर पुल का निर्माण, विभिन्न स्थानों पर यात्री शेड की स्थापना, बची हुई जर्जर सड़कों का जीर्णोद्धार तथा ताल नदौर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए नौसढ़ ओवरब्रिज का निर्माण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी परियोजनाओं की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। जनता के विश्वास और सहयोग से विकास की यह गति आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।- विपिन सिंह, विधायक, गोरखपुर ग्रामीण

    सरकार व विधायक विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन गांवों की जमीनी हकीकत कुछ और है। आज भी अनेक संपर्क मार्ग जर्जर हैं, जलनिकासी की समस्या बनी हुई है और किसानों व ग्रामीणों की कई मूलभूत जरूरतें पूरी नहीं हो सकी हैं। केवल बड़ी परियोजनाओं की घोषणा से विकास का दावा पूरा नहीं होता, बल्कि उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। जनता यह भी देख रही है कि चुनाव के समय किए गए वादों में कितने पूरे हुए और कितने अधूरे रह गए। आने वाले चुनाव में मतदाता विकास कार्यों के साथ-साथ कमियों का भी निष्पक्ष मूल्यांकन करेंगे।-विजय बहादुर यादव, प्रमुख प्रतिद्वंद्वी

    पहले बरसात के दिनों में आवागमन सबसे बड़ी समस्या थी। सड़कें और पुल बनने से अब काफी राहत मिली है। क्षेत्र में बड़े विकास कार्य साफ दिखाई देते हैं और यातायात पहले से बेहतर हुआ है। उम्मीद है कि बाकी अधूरी परियोजनाएं भी जल्द पूरी होंगी, जिससे लोगों को और सुविधाएं मिलेंगी।- केपी सिंह, कैलाशपुरी कालोनी

    पिछले कुछ वर्षों में विकास के कई काम धरातल पर दिखाई दिए हैं। सड़कें बेहतर हुई हैं और शहर से गांव की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। यदि बची हुई जर्जर सड़कें भी बन जाएं और स्थानीय समस्याओं का समाधान हो जाए तो क्षेत्र का विकास और गति पकड़ सकता है।- सूर्य प्रकाश लाल, नार्मल क्षेत्र

    मुख्य मार्गों का विकास सराहनीय है, लेकिन गांवों के भीतर कई सड़कें अब भी खराब हैं। बरसात में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। अब जरूरत है कि छोटी लेकिन महत्वपूर्ण समस्याओं जैसे संपर्क मार्ग, जलनिकासी और ग्रामीण सुविधाओं पर भी प्राथमिकता से काम किया जाए तो बेहतर होगा।- मनोज कुमार, ट्रांसपोर्ट नगर

    मेरे रिहाइशी क्षेत्र की सड़क एक दशक से बदहाल है। यह सड़क अनाथालय, महाविद्यालय और एक विद्यालय को जोड़ती है। शहरी वार्ड होने के बाद भी बिजली के पोल नहीं है। 400 मीटर तक केबल खींचकर कनेक्शन चल रहा है। जलभराव की अलग समस्या है। विधायक को संज्ञान लेना चाहिए।- चंद्र प्रकाश चन्द, सेमरा देवी प्रसाद

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