गोरखपुर में डिजिटल होगा शहर का हर भू-अभिलेख, 'नक्शा' परियोजना का सर्वे शुरू
गोरखपुर में केंद्र सरकार की 'नक्शा' परियोजना के तहत संपत्तियों का स्थलीय सर्वेक्षण शुरू हो गया है। यह पहल शहर की हर संपत्ति का डिजिटल भू-अभिलेख तैयार ...और पढ़ें

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HighLights
'नक्शा' परियोजना के तहत संपत्तियों का सर्वेक्षण शुरू।
26 टीमें आधुनिक रोवर से करेंगी जियो-रेफरेंस सर्वे।
शहर की हर संपत्ति का डिजिटल भू-अभिलेख बनेगा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत संचालित नक्शा (नेशनल जियोस्पेशियल नालेज बेस्ड लैंड सर्वे आफ अर्बन हैबिटेशंस) परियोजना के तहत नगर निगम क्षेत्र में संपत्तियों के स्थलीय सर्वेक्षण का कार्य शुक्रवार से शुरू हो गया। नगर निगम और राजस्व विभाग की 26 संयुक्त टीमें आधुनिक तकनीक की मदद से प्रत्येक संपत्ति का सत्यापन कर उसका डिजिटल रिकार्ड तैयार करेंगी।
परियोजना पूरी होने के बाद शहर की संपत्तियों का सटीक भू-अभिलेख उपलब्ध होगा, जिससे शहरी विकास योजनाओं, कर निर्धारण और अभिलेखों के डिजिटलीकरण को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सर्वेक्षण के लिए नगर निगम और राजस्व विभाग के 52 अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। छह दिवसीय प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी टीमें शुक्रवार से फील्ड में उतर गईं। प्रत्येक टीम आधुनिक रोवर उपकरण की सहायता से संपत्तियों का जियो-रेफरेंस सर्वे करेंगी और प्राप्त आंकड़ों का उपलब्ध राजस्व अभिलेखों से मिलान करेगी।
अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण में नगर निगम के पांचों जोन के 41 वार्डों में सर्वेक्षण शुरू किया गया है। इस दौरान 58.09 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले वार्ड सीमाओं के निर्धारण के लिए 91.95 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कराया जा चुका है। अब उसके आधार पर स्थलीय सत्यापन का कार्य किया जा रहा है।
परियोजना पूरी होने के बाद शहर की प्रत्येक संपत्ति का डिजिटल भू-अभिलेख तैयार होगा। इससे संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आने, नगर नियोजन को अधिक वैज्ञानिक आधार मिलने तथा कर निर्धारण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा नागरिक सेवाओं के संचालन में भी सटीक आंकड़ों का लाभ मिलेगा।
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तकनीकी विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण
सर्वेक्षण शुरू होने से पहले नगर निगम सभागार में सोमवार से गुरुवार तक चयनित अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान सर्वेक्षण की पूरी प्रक्रिया के साथ रोवर उपकरण के संचालन का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश की कंप्यूटर सेल, लखनऊ से नामित तकनीकी विशेषज्ञ प्रमोद कुमार और ऋषिकेश यादव ने प्रतिभागियों को तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी, ताकि सर्वेक्षण का कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और त्रुटिरहित ढंग से पूरा किया जा सके।