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    साइबर हमलों पर 'तीसरी आंख', भारतीय रेलवे का नया सुरक्षा कवच 'SOC'

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 01:09 PM (IST)

    भारतीय रेलवे ने साइबर हमलों से निपटने के लिए गोरखपुर में 'सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर' (SOC) स्थापित किया है। यह सेंटर रेलवे के डिजिटल नेटवर्क की 24 घंटे ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. गोरखपुर में स्थापित हुआ रेलवे का 'सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर'।

    2. यह सेंटर साइबर हमलों की 24 घंटे निगरानी करेगा।

    3. भारतीय रेलवे के 1.20 लाख से अधिक IT परिसंपत्तियां सुरक्षित।

    प्रेम नारायण द्विवेदी, गोरखपुर। रेलवे के डिजिटल सिस्टम हैक नहीं होंगे। रेलवे का 'सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर' (एसओसी) साइबर खतरों को समय रहते पता लगा लेगा। न सिर्फ उनका प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में अहम भूमिका निभाएगा, बल्कि भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा मानक का पालन भी सुनिश्चित करेगा।

    रेलवे बोर्ड के निर्देश पर पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने अपने डिजिटल नेटवर्क और सूचना प्रणालियों की सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यालय गोरखपुर स्थित वाणिज्य विभाग में 'सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर' स्थापित कर दिया है। 'सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर' रेलवे के डिजिटल प्लेटफार्म पर साइबर हमलों की 24 घंटे निगरानी करेगा।

    'सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर', सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) के सहयोग से स्थापित किया गया है। जिसका संचालन निजी कंपनियों के हाथ में है। 'सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर' की नजर में मुख्यालय गोरखपुर ही नहीं लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के कंप्यूटर सिस्टम होंगे। डिजिटल प्लेटफार्म पर कार्य कर रहे रेलकर्मी के सामने अनधिकृत सूचना, मेल, मैसेज या लिंक आदि आते ही 'सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर' पकड़ लेगा।

    इसके साथ ही रेलकर्मी को आगाह कर समय रहते उसे समाप्त कर देगा। ऐसे में सिस्टम न हैंग करेगा और न हैक होगा। निर्बाध गति से चलता रहेगा। पूर्वोत्तर रेलवे ही नहीं भारतीय रेलवे स्तर पर सभी जोन में 'सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर' की स्थापना की जा रही है, जो रेलवे के इंफार्मेशन टेक्नोलाजी (आइटी) नेटवर्क की चौबीसों घंटे निगरानी कर साइबर हमलों का समय रहते पता लगाने और उनका प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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    दरअसल, भारतीय रेलवे के बढ़ते डिजिटलीकरण के साथ संचालन, रखरखाव, उत्पादन, खरीद और राजस्व प्रबंधन अब सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पर तेजी से निर्भर हो गए हैं। सभी कार्य ई-आफिस पर हो रहे हैं। ऐसे में साइबर खतरों की आशंका भी बढ़ी है।

    इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए 'सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर' की परिकल्पना की गई है, जो रेलवे के महत्वपूर्ण सर्वर, नेटवर्क डिवाइस और अन्य डिजिटल परिसंपत्तियों से प्राप्त लाग और अलर्ट का केंद्रीकृत विश्लेषण कर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करेगा तथा त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा। सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर स्थापित करने के लिए रेलवे बोर्ड ने 509 करोड़ रुपये का बजट भी अवमुक्त कर दिया है।

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    'एसओसी' से जुड़ी 1.20 लाख से अधिक आइटी परिसंपत्तियां
    इंडियन रेलवे 'सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर' देशभर की आइटी परिसंपत्तियों की केंद्रीकृत निगरानी करेगा। भारतीय रेलवे की 1.20 लाख से अधिक आइटी परिसंपत्तियां जैसे सर्वर, नेटवर्क डिवाइस, वर्कस्टेशन और अन्य डिजिटल सिस्टम जुड़ गई हैं। जिससे पूरे रेलवे नेटवर्क में एकीकृत साइबर सुरक्षा व्यवस्था विकसित होगी। जिसका लक्ष्य विभिन्न रेलवे इकाइयों के बीच थ्रेट इंटेलिजेंस साझा करने की मजबूत व्यवस्था विकसित करना है। इससे साइबर घटनाओं के कारण होने वाले डाउनटाइम में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।