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    UP में 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर गांव-गांव से जुटेगी राय, जल्द निदेशालय भेजी जाएगी रिपोर्ट

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 12:01 PM (IST)

    गोरखपुर मंडल में 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर पंचायत स्तर से सुझाव जुटाने की तैयारी शुरू हो गई है। उपनिदेशक (पंचायत) ने सभी डीपीआरओ को ग्राम व क्षेत्र पंच ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. गोरखपुर मंडल में 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर राय संग्रह।

    2. पंचायत प्रतिनिधियों से सुझाव एकत्र करने के निर्देश जारी।

    3. सुझावों को निदेशालय भेजकर नीति निर्माण में मदद।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। 'वन नेशन, वन इलेक्शन' को लेकर पंचायत स्तर पर व्यापक विचार-विमर्श की तैयारी शुरू हो गई है। गोरखपुर मंडल के उपनिदेशक (पंचायत) हिमांशु शेखर ठाकुर ने मंडल के सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों (डीपीआरओ) को निर्देश जारी कर ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों के जनप्रतिनिधियों से इस विषय पर सुझाव और मंतव्य एकत्र करने को कहा है। इन सुझावों को निर्धारित प्रारूप में संकलित कर शीघ्र निदेशालय को भेजना होगा।

    निदेशक पंचायती राज के निर्देशों और शासन व राज्य निर्वाचन आयोग के विभिन्न पत्रों के क्रम में यह कार्रवाई की जा रही है। इसमें संविधान (139वां संशोधन) विधेयक, 2024 तथा 'एक राष्ट्र , एक चुनाव विधेयक' के संबंध में सभी हितधारकों के साथ बैठक और विचार-विमर्श कर उनके सुविचारित सुझाव प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उपनिदेशक ने कहा है कि प्रत्येक जनपद में ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के साथ आनलाइन एवं आफलाइन बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों के विचार, सुझाव और मंतव्य हिंदी तथा अंग्रेजी में स्पष्ट और पठनीय रूप में संकलित किए जाएंगे, ताकि उन्हें निर्धारित प्रारूप के अनुसार निदेशालय भेजा जा सके।

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    निर्देश में यह भी कहा गया है कि सभी डीपीआरओ इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें और की गई कार्रवाई से मंडलीय कार्यालय को भी तत्काल अवगत कराएं। शासन स्तर पर गठित संयुक्त समिति के समक्ष विभिन्न हितधारकों की राय प्रस्तुत करने के उद्देश्य से यह कवायद की जा रही है।

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    माना जा रहा है कि पंचायत स्तर से मिलने वाले सुझाव आगामी विधायी प्रक्रिया और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं। ऐसे में गांवों से लेकर जिला स्तर तक जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।