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थाईलैंड से गोरखपुर में कौन भेज रहा ओजी गांजा, राष्ट्र विरोधी कनेक्शन की भी जांच

Published: Sat, 22 Aug 2026 02:47 PM (IST)

गोरखपुर में 3.085 किलोग्राम ओजी गांजा पकड़े जाने के बाद जांच एजेंसियां थाईलैंड से नेपाल के रास्ते पूर्वांचल तक पहुंच ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. गोरखपुर में 3.085 किलो ओजी गांजा की खेप बरामद।

  2. थाईलैंड से नेपाल के रास्ते पूर्वांचल तक पहुंच रहा गांजा।

  3. राष्ट्रविरोधी ताकतों से संभावित कनेक्शन की भी जांच जारी।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। थाइलैंड से नेपाल के रास्ते पूर्वांचल तक पहुंच रहे ओजी गांजा की सप्लाई चेन को लेकर जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। बुधवार रात रामगढ़ताल क्षेत्र में गुजरात और प्रतापगढ़ के पांच युवकों से 3.085 किलोग्राम ओजी गांजा बरामद होने के बाद अब जांच का फोकस उस युवक तक पहुंचने पर है, जो देवरिया नंबर की कार से खेप पहुंचाने आया था। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि थाइलैंड से खेप किसके जरिए भेजी जा रही है, भारत व नेपाल में इसे कौन रिसीव करता है। गोरखपुर तक खेप पहुंचाने वाला नेटवर्क कितना बड़ा है।

जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि विदेश से ओजी गांजा भारत तक किस नेटवर्क के जरिये पहुंच रहा है। थाइलैंड से खेप निकलने के बाद नेपाल तक पहुंचने और फिर सीमा पार कर पूर्वांचल आने की संभावित कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। पकड़े गए युवकों के मोबाइल नंबर, आपसी संपर्क, बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की भी जांच हो रही है।

गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में मिले नाम और नंबरों को पहले से सक्रिय तस्करी नेटवर्क से मिलाया जा रहा है। नशे की तस्करी के पीछे कहीं राष्ट्रविरोधी ताकतों या संगठनों का आर्थिक कनेक्शन तो नहीं है, इसकी भी जांच की जा रही है। एटीएस के साथ खुफिया एजेंसियां इस पहलू को देख रही हैं। हालांकि अभी तक जांच में ऐसा कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सामने नहीं आया है। एजेंसियां सभी संभावित कड़ियों और संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।

सीमा से जुड़े जिलों को पहले ही किया गया था सतर्क
ओजी गांजा की लगातार पकड़ी जा रही खेप के बाद पिछले माह एएनटीएफ के एसपी ने नेपाल सीमा से सटे जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने, नेटवर्क में शामिल लोगों को चिह्नित करने और सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए थे। एसपी एएनटीएफ गोरखपुर भी इस सिलसिले में क्षेत्र में पहुंचे थे। अब रामगढ़ताल में पकड़ी गई बड़ी खेप के बाद उस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का काम तेज हो गया है।

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होटल और दूसरे शहरों तक पहुंच रही खेप
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि गोरखपुर में आने वाली खेप सीधे खरीदारों तक पहुंचती है या यहां से इसे दूसरे जिलों में भेजा जाता है। पूर्व में सामने आए मामलों में होटल और अन्य स्थानों तक ओजी गांजा पहुंचाने की जानकारी मिली थी।

अब बुधवार रात पकड़े गए पांच आरोपितों के मोबाइल और बैंक खातों की जांच से सप्लायर से लेकर खरीदार और आगे के कैरियर तक पूरी श्रृंखला सामने आने की उम्मीद है। एजेंसियों की निगाह फिलहाल देवरिया नंबर की कार से खेप पहुंचाने वाले युवक पर टिकी है। एक टीम को देवरिया भेजा गया है।