गोरखपुर के रानीबाग और रुस्तमपुर में बिजली के लिए तरसे 25 हजार घर, रातभर परेशान रहे उपभोक्ता
गोरखपुर के रानीबाग और रुस्तमपुर उपकेंद्रों में बिजली कटौती से 25 हजार से अधिक घर प्रभावित हुए, जिससे उपभोक्ता रातभर परेशान रहे। करवल-मझगांवा उपकेंद्र ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
रानीबाग-रुस्तमपुर में 25 हजार से अधिक घरों में बिजली संकट।
करवल-मझगांवा उपकेंद्र की ट्राली में आग से आपूर्ति ठप।
वैकल्पिक लाइन बनाने का दावा डेढ़ माह बाद भी अधूरा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रानीबाग और रुस्तमपुर उपकेंद्र की बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। लोकल फाल्ट के नाम पर रोजाना घंटों कटौती से उपभोक्ता बेहाल हैं। मंगलवार देर शाम रानीबाग उपकेंद्र का 33 हजार वोल्ट का भूमिगत केबल बैक हो लोडर से कट गया।
इससे तकरीबन छह घंटे आपूर्ति ठप रही। रुस्तमपुर उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को भी बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। पूरी रात बिजली की आवाजाही से 25 हजार से ज्यादा घरों के उपभोक्ता परेशान रहे। बुधवार को दिन में भी बिजली की आवाजाही लगी रही।
रुस्तमपुर और रानीबाग उपकेंद्रों को 132 केवी पारेषण उपकेंद्र बरहुआ से बिजली दी जाती है। रानीबाग उपकेंद्र से बेतियाहाता के भी कई इलाके के उपभोक्ताओं को जोड़ा गया है। मंगलवार रात बिजली कटी तो उपभोक्ता परेशान हो गए। आरोप है कि अभियंताओं ने फोन काल भी नहीं रिसीव की।
इस कारण कटौती का कारण और बिजली आने के समय की जानकारी नहीं मिल पायी। रुस्तमपुर में लो वोल्टेज और कई इलाकों में अचानक एक फेज बिजली आने से लोग परेशान रहे।
रुस्तमपुर के एसडीओ विनोद यादव ने कहा कि केबल कटने से आपूर्ति में व्यवधान आया। देर रात आपूर्ति बहाल करा दी गई थी।
तिवारीपुर उपकेंद्र से जुड़े इलाहीबाग क्षेत्र में मंगलवार के बाद बुधवार को भी बिजली का संकट रहा। सूरजकुंड उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में भी बिजली कटौती से उपभोक्ताओं की नाराजगी बढ़ती जा रही है।

दावा फेल, नहीं बनी वैकल्पिक लाइन
रुस्तमपुर उपकेंद्र क्षेत्र में लगातार बिजली आपूर्ति में व्यवधान के बाद अभियंताओं ने रानीबाग और रुस्तमपुर उपकेंद्रों के लिए वैकल्पिक लाइन बनाने का दावा किया था। कहा था कि 10 दिन में लाइन बन जाएगी लेकिन तकरीबन डेढ़ महीने बीतने के बाद भी लाइन नहीं बन सकी।
खबरें और भी
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली निगम के अभियंता सिर्फ कागजाें में दावा कर रहे हैं, धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। शाम होते ही लो वोल्टेज, ट्रिपिंग और बार-बार कटौती से उपभोक्ता पूरी तरह परेशान हो चुके हैं।
करवल-मझगांवा उपकेंद्र की ट्राली में लगी आग, आपूर्ति ठप
करवल-मझगांवा उपकेंद्र के मझगांवा फीडर की ट्राली में बुधवार शाम 7:20 बजे अचानक आग लग गई। इससे पूरे उपकेंद्र की आपूर्ति ठप हो गई। मझगांवा, गगहा, हाटा और उज्जरपार फीडरों से जुड़े तकरीबन 10 हजार घरों में अंधेरा छा गया। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों परेशान हो गए।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर बिजली कटौती: दिव्यनगर से पादरी बाजार तक आज थमेगी बिजली की रफ्तार, जानें अपने इलाके का टाइमिंग
पानी का भी संकट खड़ा हो गया। ट्राली क्षतिग्रस्त होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से करवल-मझगांवा उपकेंद्र से संचालित सभी चारों फीडरों की बिजली आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई। उपकेंद्र पर कर्मचारी ट्राली बदलने और तकनीकी खराबी दूर करने में जुटे हैं।
समाचार लिखे जाने तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। अरुण मिश्र, रत्नाकर तिवारी, पिंटू सिंह, श्याम कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि अभियंता जर्जर उपकरणों के सहारे बिजली आपूर्ति में जुटे हैं।
उपकरणों को बदलने पर किसी का ध्यान नहीं है। अवर अभियंता रामानंद शास्त्री ने बताया कि ट्राली में आग लगने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से अन्य तीनों फीडरों की भी आपूर्ति ठप करा दी गई।