गोरखपुर का राप्ती पुल अब 20 साल तक रहेगा मजबूत, दरार पड़ने के कारण मंडराने लगा था खतरा
गोरखपुर के राजघाट स्थित राप्ती नदी पर बना पुल जीर्णोद्धार के बाद 20 साल तक मजबूत रहेगा। दरारें पड़ने के कारण इस 70 साल पुराने पुल पर खतरा मंडरा रहा था ...और पढ़ें

राप्ती नदी का पुराना पुल। जागरण
HighLights
राप्ती पुल जीर्णोद्धार के बाद 20 साल तक मजबूत रहेगा।
दरारें पड़ने के कारण पुल पर मंडरा रहा था खतरा।
तीन महीने में मरम्मत कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
जागरण संवाददाता, गाेरखपुर। राप्ती नदी पर राजघाट में बना पुल जीर्णोद्धार के बाद 20 साल के लिए फिर मजबूत हो जाएगा। यानी दरार पड़ने के कारण पुल पर मंडरा रहा संकट दूर हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग काम करा रहा है। तीन महीने में काम पूरा हो जाने की उम्मीद है।
राप्ती नदी पर तकरीबन 70 वर्ष पहले पुल बना था। इस पुल के बनने से लखनऊ और वाराणसी का सीधा संपर्क गोरखपुर से हुआ था। पुल पर यातायात का दबाव बढ़ने के बाद कुछ वर्ष पहले एक और पुल का निर्माण कराया गया था।
पिछले वर्ष अभियंताओं ने पुराने पुल की जांच की तो कई जगह दरार आने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुल के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया। पुल की बेयरिंग बदली जा चुकी है।

राप्ती नदी का पुराना पुल। जागरण
कल बंद होगा पुल का एक लेन
सोमवार को पुल के एक लेन को बंद कर मरम्मत का कार्य होगा। यह कार्य 15 अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद दूसरे लेन का काम होगा। अभियंताओं का कहना है कि तीन महीने में काम पूरा होने की उम्मीद है।
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दो नए पुल का चल रहा काम
राप्ती नदी पर राजघाट में दो नए पुल का निर्माण चल रहा है। इसके अगले साल तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। इसके बाद राप्ती नदी पर आठ लेन की सड़क हो जाएगी।
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दो पुल महानगर में आने और दो वापस जाने के लिए हो जाएंगे। अपस्ट्रीम के पुल के निर्माण पर 103.93 करोड़ रुपये खर्च होंगे। डाउन स्ट्रीम के पुल के निर्माण की लागत 117.99 करोड़ रुपये आएगी।