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    गोरखपुर में टमाटर से आम तक... छत पर गमलों में लहलहा रही अनोखी खेती

    Updated: Fri, 13 Feb 2026 12:21 PM (IST)

    गोरखपुर के धरमदेव विश्वकर्मा ने अपनी छत पर 150 गमलों में सब्जियां और फल उगाकर जैविक खेती का अनूठा उदाहरण पेश किया है। उनके परिवार को ताजी उपज मिलती है ...और पढ़ें

    तारामंडल के धरमदेव पांच वर्ष से गमले में कर रहे सब्जी की खेती। जागरण

    तारामंडल के धरमदेव पांच वर्ष से गमले में कर रहे सब्जी की खेती। जागरण

    HighLights

    1. धरमदेव ने 150 गमलों में छत पर सब्जियां और फल उगाए।

    2. यूपी सरकार ने रूफटाप गार्डेन योजना गोरखपुर में शुरू की।

    3. योजना से मुफ्त बीज, प्रशिक्षण और सब्सिडी मिलेगी।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहर के तारामंडल क्षेत्र निवासी धरमदेव विश्वकर्मा ने अपनी छत को ही हरियाली से आच्छादित कर दिया है। 150 गमलों में वे सब्जियां, फल और फूल उगा रहे हैं। इससे उनके परिवार को रोजाना ताजी और पर्याप्त मात्रा में सब्जियां मिल जाती हैं।

    गमलों में टमाटर, बैंगन, मिर्च, लौकी के साथ बेल, अमरूद, अंजीर, खीरनी, सफेद जामुन, आम सहित कई फलदार पौधे लगे हैं। छत पर ही छोटी-सी बगिया तैयार कर उन्होंने जैविक खेती का उदाहरण पेश किया है।

    धरमदेव की पहल अब सरकारी योजना से भी जुड़ती दिख रही है। प्रदेश सरकार ने बजट में रूफटाप गार्डेन योजना की शुरुआत की है। इसके लिए गोरखपुर समेत चार जिलों का चयन किया गया है और तीन करोड़ रुपये की व्यवस्था भी की गई है। योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में छतों पर बागवानी को बढ़ावा देकर आर्गेनिक सब्जियां, फल और औषधीय पौधों का उत्पादन बढ़ाना है।

    योजना के तहत इच्छुक नागरिकों को मुफ्त बीज, सीडलिंग, प्लांटिंग सामग्री और तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। पहले चरण में लखनऊ, वाराणसी, गौतमबुद्धनगर और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों में इसे लागू किया जाएगा, बाद में अन्य नगरों में विस्तार होगा। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (वाराणसी) के सहयोग से निश्शुल्क किट वितरण और प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की गई है।

    शहर में निजी प्रदाता 200 से 655 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से रूफटाप गार्डेन स्थापित करने की सेवाएं दे रहे हैं। सीमित स्थान में बागवानी न केवल शुद्ध भोजन उपलब्ध कराती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और तापमान नियंत्रण में भी सहायक होती है। धरमदेव जैसे लोग इस पहल को नई दिशा दे रहे हैं। धरमदेव बताते है कि वर्ष 2021 में उन्होंने छत पर 250 गमलों में सब्जी की खेती की थी। इसमें कुल 65 हजार रुपये खर्च आए थे।

    इसके बाद से उन्हें सिर्फ बीज और खाद खरीदना पड़ता है। समय न मिल पाने से उन्होंने गमलों की संख्या घटाकर 150 कर दी है। मोहद्दीपुर की रहने वाली डा. नीलम दिक्षित भी छत पर गमले में फूल उगा रखी है। नीलम बताती है कि छत पर उनके 250 गमले में अलग-अलग तरह के फूल और पत्तियां लगी है। समय न मिल पाने से फूलों की देखरेख माली करता है।

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    वहीं सरकार की योजना रूफटाप गार्डेनिंग योजना के संबंध में जिला उद्यान अधिकारी पारस नाथ ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले को लगभग 75 लाख रुपये मिलेंगे। लाभार्थियों को अनुदान पर प्लास्टिक कंटेनर, खाद, स्प्रे मशीन, सिंचाई प्रणाली सहित अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

    यह योजना नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले उन लोगों के लिए है, जिनके पास खेती योग्य भूमि नहीं है, वे अपनी छत पर फल, सब्जी और फूल उगाकर न केवल शुद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकेंगे, बल्कि अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त कर सकते हैं। भविष्य में इस योजना का दायरा और बढ़ाया जाएगा तथा बजट में अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।