गोरखपुर में MDM का गेहूं पिसाने गए छात्र की आंख में लगी चोट, इंचार्ज हेड मास्टर सस्पेंड; BEO को सौंपी मामले की जांच
गोरखपुर के कौड़ीराम स्थित पीएमश्री कंपोजिट स्कूल में मिड-डे मील का गेहूं पिसवाने गए कक्षा आठ के छात्र की आंख में गंभीर चोट लग गई। इस मामले में लापरवाह ...और पढ़ें
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HighLights
मिड-डे मील गेहूं पिसवाते समय छात्र की आंख में चोट।
लापरवाही के आरोप में प्रधानाध्यापिका अंजना राय निलंबित।
विभागीय कार्यों में अनियमितता भी निलंबन का आधार।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पीएमश्री कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय, कौड़ीराम में मिड-डे मील का गेहूं पिसवाने के दौरान कक्षा आठ के छात्र की आंख में गंभीर चोट लग गई। इसे गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका अंजना राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
छात्र के घायल होने की घटना के साथ-साथ विभागीय कार्यों में लापरवाही और सेवा नियमों के उल्लंघन को भी कार्रवाई का आधार बनाया गया है। निलंबन अवधि में प्रभारी प्रधानाध्यापिका को ब्लाक संसाधन केंद्र, कौड़ीराम से संबद्ध किया गया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए बीईओ गगहा को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
विद्यालय के कक्षा आठ के छात्र सलीम को 29 जुलाई को मिड-डे मील का गेहूं पिसवाने के लिए भेजा गया था। स्वजन बताते हैं कि पिसाई के बाद गेहूं की बोरी साइकिल पर बांधते समय रबर में लगा लोहे का नुकीला हुक छिटककर उसकी आंख में जा लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्वजन का दावा है कि हादसे में उसकी एक आंख की रोशनी प्रभावित हुई है।
प्रशासनिक अनियमितताएं भी आईं सामने
घटना के बाद कराई गई प्रारंभिक जांच में छात्र को विद्यालयीय कार्य के लिए भेजे जाने की पुष्टि होने के साथ ही कई प्रशासनिक अनियमितताएं भी सामने आईं। बीएसए के निलंबन आदेश के अनुसार प्रभारी प्रधानाध्यापिका पिछले तीन माह से खंड शिक्षा अधिकारी कौड़ीराम की मासिक समीक्षा बैठकों में अनुपस्थित रहीं।
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इसके अलावा विद्यालय के 110 छात्रों की अपार आइडी का कार्य लंबित मिला तथा 16 छात्रों के बैंक खाते आधार से सीडेड नहीं पाए गए। आइसीटी बजट से जुड़े कार्य समेत अन्य विभागीय दायित्वों के निर्वहन में भी लापरवाही सामने आने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
उधर, छात्र के स्वजनों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय में छात्रों से नियमित रूप से मिड-डे मील से जुड़े कार्य कराए जाते हैं और मना करने पर नाम काटने तक की धमकी दी जाती है। हालांकि विद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों का खंडन किया है।
प्रारंभिक जांच में छात्र को विद्यालयीय कार्य के लिए भेजने, विभागीय कार्यों में लापरवाही तथा अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं के तथ्य सामने आए हैं। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निष्पक्ष जांच के लिए बीईओ गगहा को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -धीरेंद्र कुमार त्रिपाठी, बीएसए