यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Swachh Bharat Mission: गोरखपुर में स्वच्छता सर्वेक्षण का फीडबैक देने में पिपरौली सबसे आगे, कौड़ीराम फिसड्डी
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 2025 के तहत गोरखपुर में केंद्रीय टीम के आने से पहले पंचायती राज विभाग फीडबैक जुटाने में लगा है। पिपरौली ब्लॉक सबसे आगे है ज ...और पढ़ें

HighLights
- सर्वेक्षण के लिए केंद्रीय टीम जल्द गोरखपुर आएगी |
- नागरिक फीडबैक पर सर्वेक्षण के 100 अंक |
- पिपरौली ब्लॉक फीडबैक में सबसे आगे रहा |
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 2025 सर्वेक्षण के लिए अगले सप्ताह तक केंद्रीय टीम के जिले में पहुंच जाने की उम्मीद है। 15 अगस्त सर्वेक्षण की आखिरी तिथि है । टीम के आने के पहले पंचायतीराज विभाग सभी कमियों को दुरुस्त करने के साथ ही ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों से फीडबैक लेने में जुटा है।
स्वच्छता सर्वेक्षण में 100 अंक सिटीजन फीडबैक पर तय हैं। गुरुवार तक गांवों की स्वच्छता की स्थिति को लेकर फीडबैक देने में सबसे आगे पिपरौली ब्लाक जबकि सबसे पीछे कौड़ीराम के लोग रहे। अब तक कुल 2413 लोंगो ने सर्वेक्षण से जुड़ा एप डाउनलोड कर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
पंचायतीराज विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार तक जिले में सबसे अधिक पिपरौली के 240, सहजनवां के 193, बांसगांव के 155, खजनी के 149 और बड़हलगंज के 146 ग्रामीण फीडबैक दे चुके हैं। सबसे कम कौड़ीराम से 32 और भटहट से 71 फीडबैक मिला है।
इनकी संख्या बढ़ाने के लिए विभाग ने प्रधान समेत सभी एडीओ पंचायत, सचिव, पंचायत सहायक, मनरेगा कर्मचारियों और सफाई कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी है। निर्देश दिए गए हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों के मोबाइल में स्वच्छता सर्वेक्षण से जुड़े एप को डाउनलोड कराकर फीडबैक दिलाएं।
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उधर, उप निदेशक पंचायत हिमांशु शेखर ठाकुर ने शहरी क्षेत्र के विश्वविद्यालय और कालेजों में पढ़ रहे गांव के विद्यार्थियों से भी फीडबैक लेने के लिए उन्हें जागरूक करने का निर्देश दिया है। इसके लिए उन्होंने प्राचार्यों को पत्र भी लिखा है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के लिए केंद्रीय टीमें गोरखपुर के 63, देवरिया के 46, कुशीनगर के 52 और महराजगंज जनपद के 44 राजस्व गांवों का रैंडम सर्वेक्षण करेंगी।
मूल्यांकन चार श्रेणियों में होगा। इनमें 540 अंक गांवों की स्वच्छता स्थिति के प्रत्यक्ष अवलोकन पर, 120 अंक संयंत्रों की कार्यक्षमता के अवलोकन पर, 100 अंक नागरिक प्रतिक्रिया पर और 100 अंक सेवा स्तर की प्रगति के आकलन पर तय है।