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गोरखपुर में बैंककर्मी बनकर शिक्षक से 72.80 लाख की ठगी, गरिमा सिंह पर दसवां मुकदमा

By Jitendra PandeyEdited By: Vivek Shukla
Published: Wed, 16 Sep 2026 01:42 PM (IST)

गोरखपुर में महिला ठग गरिमा सिंह और उसके सात साथियों पर एक शिक्षक से बैंककर्मी बनकर 72.80 लाख रुपये के ...और पढ़ें

गोरखपुर में ठगी की आरोपी गरिमा सिंह। जागरण

गोरखपुर में ठगी की आरोपी गरिमा सिंह। जागरण

HighLights

  1. महिला ठग गरिमा सिंह पर शिक्षक से 72.80 लाख की ठगी।

  2. बैंककर्मी बनकर चार बैंकों से एक ही दिन में लोन कराया।

  3. रकम खाते में आते ही साथियों के खातों में ट्रांसफर की।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बैंककर्मी बनकर शिक्षक को लाभ का लालच देकर चार बैंकों से 72.80 लाख रुपये का लोन कराने और रकम हड़पने के आरोप में गरिमा सिंह समेत आठ लोगों के विरुद्ध एम्स थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। यह गरिमा के विरुद्ध दर्ज दसवा मुकदमा है। शिक्षक की तहरीर पर पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की है।

कुशीनगर के अहिरौली बाजार के विशुनपुरा गांव निवासी प्रवीण कुमार सिंह गोंडा में सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। उनकी तहरीर के मुताबिक झारखंडी कालोनी निवासी गरिमा सिंह दूर की रिश्तेदार है। गरिमा ने खुद को बैंककर्मी बताते हुए बैंक से संबंधित काम आसानी से कराने का भरोसा दिया था। उसने प्रवीण को गोरखपुर में जमीन खरीदने का सुझाव दिया। आर्थिक परेशानी बताकर इनकार करने पर गरिमा ने आरबीआई की योजना का हवाला देते हुए लोन कराने का प्रस्ताव दिया।

गरिमा ने शिक्षक से कहा कि लोन की ईएमआई वह खुद जमा करेगी और रकम से कारोबार करने के बाद एक वर्ष में पूरा भुगतान कर देगी। इसके बाद अक्टूबर 2024 में वह प्रवीण को गोरखपुर स्थित एक फाइनेंस कंपनी में ले गई।वहां उसके सहयोगियों ने कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए और केवाईसी पूरी की। कुछ ही समय में चार बैंकों से कुल 72.80 लाख रुपये का लोन स्वीकृत होकर प्रवीण के खाते में पहुंच गया।

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पुलिस की गिरफ्त में गरिमा सिंह व उसके पिता। जागरण 


 

प्रवीण के मुताबिक खाते में रकम आते ही ओटीपी उनके मोबाइल फोन पर आया। गरिमा के सहयोगी विशाल यादव ने ओटीपी लेकर रकम संदीप, जितेंद्र निषाद, अरशद अली, रवि कुमार और रीना साहनी के खातों में ट्रांसफर करा दी। बाद में गरिमा ने अलग-अलग खातों से प्रवीण के खाते में 9.50 लाख रुपये भेजे।

प्रवीण ने बताया कि चारों बैंकों की करीब 1.55 लाख रुपये मासिक ईएमआई बन रही थी। भुगतान नहीं होने पर बैंकों से फोन आने लगे। गरिमा से संपर्क करने पर वह टालमटोल करने लगी। इसके बाद शिक्षक को कथित ठगी की जानकारी हुई और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

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एम्स थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि गरिमा सिंह समेत आठ आरोपितो के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच उप निरीक्षक रविंद्र कुमार सिंह को सौंपी गई है। शिकायतकर्ता ने गरिमा और उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह पर कई लोगों से करीब 12 करोड़ रुपये की ठगी करने का भी आरोप लगाया है।

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