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नंद बाबा दुग्ध विकास मिशन: गोरखपुर के 20 और किसान बनेंगे आत्मनिर्भर, देसी गाय पालन पर मिलेगा आधा खर्च

Published: Wed, 16 Sep 2026 11:55 AM (IST)Updated: Wed, 16 Sep 2026 01:00 PM (IST)

Nand Baba Dugdh Mission: गोरखपुर में नंद बाबा दुग्ध विकास मिशन के तहत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 20 ...और पढ़ें

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HighLights

  1. मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 20 और लाभार्थी जुड़े।

  2. गोरखपुर में अब कुल 26 किसान योजना का लाभ उठाएंगे।

  3. 10 देसी गायों के पालन पर 50% सरकारी अनुदान मिलता है।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पशुपालन विभाग के नंद बाबा दुग्ध विकास मिशन योजना (Nand Baba Mission) के अंतर्गत संचालित मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना (Mini Nandini Scheme) में पिछले सत्र के 20 और लोगों को शामिल कर लिया गया है। ऐसे में अब लाभार्थियों की संख्या 26 हो गई है। इसमें से छह लोगों ने अपने खर्च पर योजना संचालित करने की सहमति प्रदान की है।

सत्र 2025-26 में मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में शामिल होने के लिए 42 लोगों ने आवेदन किया था। ई लाटरी के माध्यम से छह लोगों का चयन किया गया। शेष लोगों को प्रतिक्षा सूची में रखा गया था। इसी जुलाई में शासन की ओर से प्रतीक्षारत लोगों को योजना में शामिल करते हुए लाभ देने के आदेश दिए गए।

अंतिम तिथि 12 सितंबर तक 20 लोगों ने बैंक के सहमति पत्र व निजी व्यवस्था से योजना में शामिल होने की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। छह लोग अपनी निजी व्यवस्था से डेयरी के संचालन की सहमति दिए हैं। इस सत्र में अब योजना के कुल 26 लाभार्थी हो गए हैं।

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यह है योजना
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में देसी नस्ल की 10 गाय का पालन करना है। इसे प्रदेश के बाहर से लाना होता है। 23.60 लाख रुपये की योजना में सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। शेष रकम लाभार्थी को स्वयं खर्च करना है। इतने रुपये की उसे बैंक गारंटी देनी होती है या अपने खाते में बैलेंस रखना पड़ता है। अनुदान की राशि दो किस्तों में दी जाती है।

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प्रदेश सरकार दुग्ध विकास को बढ़ावा देने में जुटी है। कृषि के साथ पशुपालन को जोड़ा जा रहा है। पिछले सत्र के प्रतीक्षा सूची के अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ देने का आदेश दिया गया था। निर्धारित तिथि तक 20 लोगों ने औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। उन्हें योजना में शामिल कर लिया गया है।

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- डा. धर्मेंद्र पांडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी