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    गोरखपुर कारखाने की उपलब्धि: वंदे भारत की पहली मरम्मत रेक तैयार, ट्रेन संचालन शुरू

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 08:44 AM (GMT+05:30)

    यांत्रिक कारखाने गोरखपुर में मरम्मत की गई पहली वंदे भारत रेक अब गोरखपुर-अयोध्या-लखनऊ-प्रयागराज वंदे भारत ट्रेन में लगेगी। सीमित संसाधनों में इंजीनियरो ...और पढ़ें

    पहली रेक से गोरखपुर-अयोध्या-लखनऊ-प्रयागराज वंदे भारत ट्रेन चलेगी। जागरण

    पहली रेक से गोरखपुर-अयोध्या-लखनऊ-प्रयागराज वंदे भारत ट्रेन चलेगी। जागरण

    HighLights

    1. गोरखपुर कारखाने ने वंदे भारत रेक की सफल मरम्मत की।

    2. मरम्मत की गई रेक गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत में लगेगी।

    3. सीमित संसाधनों में इंजीनियरों ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। यांत्रिक कारखाने गोरखपुर में मरम्मत (ओवरहालिंग) के बाद निकली पहली रेक से गोरखपुर-अयोध्या-लखनऊ-प्रयागराज वंदे भारत ट्रेन चलेगी। सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत में रविवार से कारखाने में मरम्मत की गई रेक लगनी शुरू हो जाएगी।

    शनिवार को न्यू कोचिंग डिपो में मरम्मत और सफाई-धुलाई के दौरान मरम्मत की गई रेक वंदे भारत में लगा दी गई। जिस रेक से ट्रेन चल रही थी, वह रेक को संबंधित दूसरे जोन भेज दी जाएगी। लगन और अनुभव से कारखाने के इंजीनियरों और सुपरवाइजरों ने सीमित संसाधन में पहली बार वंदे भारत की रेक की सफल मरम्मत की है।

    रेलवे प्रशासन ने इंजीनियरों और कारखाना प्रबंधन की पीठ थपथपायी है। इसके लिए पुरस्कृत भी किया है। कारखाने को ओवरहालिंग के लिए जल्द ही आठ कोच वाली एक और वंदे भारत की रेक मिल जाएगी। इसको लेकर तैयारी तेज है। इंजीनियरों व सुपरवाइजरों में उत्साह है। कारखाने में ओवरहालिंग के बाद निकली की वंदे भारत की पहली रेक का मंगलवार और बुधवार को सफल ट्रायल हुआ।

    ट्रेन संबंधित इंजीनियरों की उपस्थिति गोरखपुर-बढ़नी रूट पर 110 से अधिकतम 120 की रफ्तार से दौड़ी थी। इंजीनियरों की अनुमति के बाद रेक से वंदे भारत ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है।

    भूमि के अभाव में लटका है वंदे भारत की डिपो का निर्माण
    रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर में वंदे भारत के डिपो के निर्माण की मंजूरी दे दी है। लेकिन पर्याप्त भूमि नहीं मिलने से डिपो निर्माण नहीं हो पा रहा। गोरखपुर में वंदे भारत ट्रेनों की कोचिंग डिपो में रिपेयरिंग और सफाई-धुलाई तो हो जाती है, लेकिन ओवरहालिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में वंदे भारत की ओवरहालिंग प्रभावित हो रही है।

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    रेलवे प्रशासन की परेशानियों को देखते हुए यांत्रिक कारखाना प्रबंधन ने अपने इंजीनियरों व सुपरवाइजरों के भरोसे वंदे भारत की ओवरहालिंग का निर्णय लिया है। दरअसल, गोरखपुर से प्रयागराज और पाटलिपुत्र के बीच चलने वाली दो वंदे भारत ट्रेन की सफाई-धुलाई व रखरखाव गोरखपुर न्यू कोचिंग डिपो में तो हो जा रहा, लेकिन अब तीसरी वंदे भारत के रोजाना रखरखाव व सफाई-धूलाई के लिए कोचिंग डिपो में जगह नहीं मिल पा रही। वंदे भारत के रखरखाव और ओवहालिंग को लेकर रेलवे प्रशासन की परेशानी बढ़ती ही जा रही है।

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    रखरखाव और ओवरहालिंग के चलते प्रस्तावित ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा। आने वाले दिनों में गोरखपुर से वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनें ही चलाई जानी है। गोरखपुर से नई दिल्ली, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और अमृतसर आदि के लिए अमृत भारत ट्रेन प्रस्तावित हैं। सात जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर जंक्शन से पहली वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई थी।