Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गोरखपुर चिड़ियाघर में बढ़ रहा कुनबा, दरियाई घोड़े और पक्षियों को मिलेगा नया आशियाना

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 07:49 AM (IST)

    गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में वन्यजीवों और पक्षियों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसमें दरियाई घोड़ों के बाड़े का विस्तार ...और पढ़ें

    शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान, गोरखपुर। जागरण

    शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान, गोरखपुर। जागरण

    HighLights

    1. दरियाई घोड़ों के बाड़े का होगा विस्तार।

    2. जलीय पक्षियों के लिए नया वाक इन एवरी।

    3. सारस के लिए भी बनेगा अलग बाड़ा।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में वन्यजीवों और पक्षियों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। चिड़ियाघर प्रशासन ने तीन नए बाड़े बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें दरियाई घोड़े के लिए विस्तारित बाड़ा, जलीय पक्षियों के लिए नया वाक इन एवरी और सारस के लिए अलग बाड़ा शामिल है।

    प्राणि उद्यान में लगातार बढ़ रही वन्यजीवों और पक्षियों की संख्या को देखते हुए नए बाड़ों की आवश्यकता थी। वर्तमान में चिड़ियाघर में दरियाई घोड़ों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। ऐसे में उनके लिए मौजूदा बाड़े का विस्तार किया जाएगा। नए बाड़े में दरियाई घोड़ों के रहने, घूमने और प्राकृतिक परिवेश जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

    इसके अलावा जलीय पक्षियों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। इसे देखते हुए एक और वाक इन एवरी बनाने की तैयारी है। इसमें दर्शक पक्षियों को नजदीक से देखने का अनुभव ले सकेंगे। नए एवरी के बनने से पक्षियों को अधिक स्थान मिलेगा और पर्यटकों के लिए भी यह आकर्षण का नया केंद्र बनेगा।

    प्राणि उद्यान प्रशासन के अनुसार, सारस के लिए भी अलग बाड़ा तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य वन्यजीवों को बेहतर संरक्षण और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है। नए बाड़ों के निर्माण से चिड़ियाघर की व्यवस्थाएं और अधिक बेहतर होने की उम्मीद है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- गोरखपुर लोन स्कैम: ठगी करने वाली गरिमा ने डायरी में लिखा '100 करोड़ का टारगेट', असली खेल में पहुंची जेल

    चिड़ियाघर के निदेशक सूरज कुमार ने बताया कि वन्यजीवों की संख्या बढ़ने के साथ उनके लिए बेहतर व्यवस्थाएं करना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए तीन नए बाड़ों की योजना बनाई गई है। जल्द ही इन योजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।