गोरखपुर में बस रहा ‘नया बेतियाहाता’, विकास की चमक पर जाम और अव्यवस्था का दर्द
गोरखपुर के बुद्ध विहार पार्ट ए में अनियोजित विकास के कारण ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी और अतिक्रमण जैसी पुरानी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। यह क्षेत्र ...और पढ़ें

बुद्ध बिहार पार्ट ए व्यावसायिक कालोनी में सड़क पर खड़े वाहनों से लगता है जाम। जागरण
HighLights
बुद्ध विहार पार्ट ए में अनियोजित विकास से जाम की समस्या।
अस्पतालों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पार्किंग का पर्याप्त अभाव।
सड़क किनारे अतिक्रमण से पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही है।
राजीव रंजन, गोरखपुर। विकास नियोजित ढंग से होत है, तो व्यवस्थित शहर आकार लेता है। परंतु, जब यह अनियोजित हो तब क्षेत्र का स्वरूप संवरने की जगह बिगड़ने लगता है। कुछ ऐसा ही हुआ है देवरिया बाईपास रोड के किनारे बुद्ध विहार पार्ट ए में। चमचमाते डायग्नोस्टिक सेंटर और आधुनिक अस्पतालों के साथ यहां विकास तो हुआ है, लेकिन नियोजन के अभाव में ‘नया बेतियाहाता’ बनकर उभरा यह क्षेत्र अब उन्हीं पुरानी समस्याओं से जूझ रहा है जिनसे बेतियाहाता के लोग हर रोज जूझते हैं।
कुछ वर्ष पहले तक बुद्ध विहार पार्ट ए व्यावसायिक कालोनी अपनी चौड़ी सड़कों, व्यवस्थित कालोनियों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता था। लगातार बढ़ते व्यावसायिक निर्माण और बिना समुचित यातायात योजना के अस्पतालों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के खुलने से यहां की तस्वीर तेजी से बदल गई है। जहां पहले सड़कें खुली दिखाई देती थीं, वहीं अब दिनभर वाहनों की कतारें लगी रहती हैं। फुटपाथ नहीं होने की वजह से पैदल लोग सड़क पर चलने को मजबूर हैं।
सबसे बड़ी समस्या पार्किंग है। अधिकांश अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों के वाहन सड़क किनारे ही खड़े कर दिए जाते हैं। कई स्थानों पर दोनों ओर वाहनों की पार्किंग होने से सड़क की चौड़ाई आधी रह जाती है।
ऐसे में दो बड़े वाहन आमने-सामने आ जाएं तो लंबा जाम लगना तय है। सुबह और शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इस इलाके की स्थिति ठीक उसी तरह से बन चुकी है जिस तरह से बेतियाहाता के ‘डाक्टर्स लेन’ की है।
सड़क किनारे तक ठेले वालों की कतार
अतिक्रमण भी परेशानी बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। सड़क किनारे ठेले, फल और खाद्य सामग्री की दुकानें तथा अस्थायी कारोबारियों ने कई स्थानों पर पैदल चलने तक की जगह कम कर दी है। अस्पतालों में आने-जाने वालों की भीड़ और सड़क पर खड़े वाहनों के बीच लोगों को जोखिम उठाकर गुजरना पड़ता है।
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बुद्ध बिहार पार्ट ए में सड़क पर खड़े वाहनों के कारण लगता है जाम। जागरण
सोमवार को यहां आए महराजगंज के राजकिशोर पटेल, देवरिया की मनोरमा सिंह समेत कुछ अन्य लोगों का कहना है कि यदि अभी से प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले कुछ वर्षों में यह इलाका भी पुराने बेतियाहाता की तरह स्थायी जाम की समस्या से जूझेगा।
विकास के साथ गहराती गईं समस्याएं
क्षेत्र में लगातार बन रहे कमर्शियल कांप्लेक्स और अस्पतालों के लिए यातायात प्रबंधन, पार्किंग और सार्वजनिक सुविधाओं की समानांतर योजना नहीं बनाई गई। नतीजा यह है कि विकास की गति के साथ अव्यवस्था भी बढ़ती चली गई। बुद्ध विहार पार्ट सी के रमेश सिंह और रुस्तमपुर के सज्जन लाल का कहना है कि यदि मास्टर प्लान के अनुरूप पार्किंग, फुटपाथ और ट्रैफिक प्रबंधन पर पहले ध्यान दिया जाता तो हालात इतने खराब नहीं होते। किसी भी नए व्यावसायिक क्षेत्र के विकास के साथ सड़क क्षमता, पार्किंग और पैदल यात्री सुविधाओं का विस्तार जरूरी होता है। अन्यथा कुछ वर्षों बाद वही क्षेत्र लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है।

बुद्ध बिहार पार्ट ए व्यावसायिक कालोनी में सड़क पर खड़े वाहनों से लगता है जाम। जागरण
बोले लोग
कुछ साल पहले तक यहां निकलना बेहद आसान था, लेकिन अब सुबह और शाम सड़क पर जाम आम बात हो गई है। प्रशासन को अभी से पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारनी चाहिए। -प्रवीण मिश्रा
मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बेहतर पार्किंग और यातायात व्यवस्था की जरूरत है। यदि संस्थानों और प्रशासन के बीच समन्वय बने तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। -सुमन प्रसाद
बच्चों और बुजुर्गों के लिए सड़क पार करना मुश्किल हो गया है। दोनों तरफ वाहनों की पार्किंग और अतिक्रमण के कारण हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
-गिरिजेश नारायण मिश्रा
व्यापार बढ़ना अच्छी बात है, लेकिन बिना योजना के विकास से सभी परेशान हैं। यदि अभी कार्रवाई नहीं हुई तो यह इलाका भी पुराने बेतियाहाता की तरह जाम और अव्यवस्था की पहचान बन जाएगा। -अवनीश रावत
विकास किसी भी शहर की आवश्यकता है, लेकिन सुनियोजित विकास ही नागरिकों को बेहतर जीवन देता है। बुद्ध विहार पार्ट ए व्यावसायिक कालोनी का तेजी से उभरता यह नया मेडिकल हब आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। यदि समय रहते अवैध पार्किंग पर नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने, पर्याप्त पार्किंग विकसित करने और प्रभावी यातायात प्रबंधन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए तो यह क्षेत्र शहर के लिए एक आदर्श माडल बन सकता है। अन्यथा बुद्ध विहार की व्यावसायिक कालोनी जाम, अव्यवस्था का ‘नया बेतियाहाता’ बन जाएगा।
-सतीश सिंह, विशेषज्ञ इंजीनियर