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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Solar Eclipse 2022: आंशिक सूर्यग्रहण में 35 मिनट तक 37 प्रतिशत ढका दिखेगा सूर्य, खुली आंखों ने देखें ग्रहण

    By Jagran NewsEdited By: Pradeep Srivastava
    Updated: Tue, 25 Oct 2022 09:47 AM (IST)

    Solar Eclipse 2022 गोरखपुर में वर्ष सूर्यग्रहण की अवधि करीब 35 मिनट होगी। इस दौरान सूर्य का करीब 37 प्रतिशत हिस्सा चंद्रमा की छाया से ढका नजर आएगा। सू ...और पढ़ें

    Solar Eclipse 2022: खुली आंखों से सूर्यग्रहण देखना खतरनाक हो सकता है। - प्रतीकात्मक तस्वीर
    Solar Eclipse 2022: खुली आंखों से सूर्यग्रहण देखना खतरनाक हो सकता है। - प्रतीकात्मक तस्वीर

    गोरखपुर, जागरण संवाददाता। दीपावली के ठीक दूसरे दिन आंशिक सूर्यग्रहण की खगोलीय घटना देखने को मिलने वाली है। गोरखपुर में इसकी अवधि करीब 35 मिनट होगी। इस दौरान सूर्य का करीब 37 प्रतिशत हिस्सा चंद्रमा की छाया से ढका नजर आएगा। सूर्य ग्रहण की शुरुआत शाम 4:37 बजे होगी। शाम 6:26 मिनट पर सूर्य पर चंद्रमा के ग्रहण से औपचारिक रूप समाप्त हो जाएगा। अनौपचारिक रूप से शाम ढलने के साथ सूर्यग्रहण निष्प्रभावी हो जाएगा। सूर्य ग्रहण के दौरान नंगी आंखों से सूर्य को देखना काफी हानिकारक हो सकता है और इससे आंखों की रोशनी भी जा सकती है।

    नक्षत्रशाला परिसर में पांच टेलीस्कोप लगाए जाएंगे

    जानकारी देते हुए वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने बताया कि सूर्यग्रहण या चंद्रग्रहण के प्रति लोगों की सोच वैज्ञानिक करने के लिए नक्षत्रशाला में विविध कार्यक्रम में आयोजित किए जाते हैं। इसी क्रम में सूर्यग्रहण के अवलोकन के लिए नक्षत्रशाला परिसर में निर्धारित समय पर पांच टेलीस्कोप लगाए जाएंगे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा संचालित यूपी एम्च्योर एस्ट्रोनामर्स क्लब के सदस्यों के द्वारा उसका संचालन किया जायेगा। नक्षत्रशाला प्रशासन ने सूर्यग्रहण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के लिए सलाह जारी की है।

    ऐसे देखें सूर्यग्रहण

    सलाह के मुताबिक सूर्यग्रहण को नंगी आंखों, साधारण फिल्टर अथवा धूप के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। इसका अवलोकन परावर्तित प्रतिबिम्ब अथवा प्रमाणित सोलर फिल्टर के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। एक्स-रे फिल्म, फ्लापी, धूप के चश्मों, फोटो फिल्म, वेल्डिंग ग्लास से सूर्यग्रहण नहीं देखा जाना चाहिए। सूर्य के प्रकाश में 52 प्रतिशत अवरक्त किरणें होती हैं जो कि आंखों को स्थायी रूप से क्षति पहुंचा सकती हैं।

    क्या होता है सूर्यग्रहण

    जब चन्द्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है तो सूर्य से पृथ्वी पर आने वाला प्रकाश प्रतिबंधित हो जाता है। इसे ही सूर्यग्रहण कहते हैं। पूर्ण सूर्य ग्रहण उस समय होता है, जब चन्द्रमा पृथ्वी के काफी पास रहते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है। आंशिक सूर्य ग्रहण में जब चन्द्रमा सूर्य व पृथ्वी के बीच में इस प्रकार आत है कि सूर्य का कुछ ही भाग पृथ्वी से दिखाई नहीं देता है।

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