यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नेपाली मुसलमानों में प्रभाव बढ़ा रहा ISI, बॉर्डर इलाकों में मदरसों का निर्माण करा जमाई जा रही जड़ें
आइएसआइ द्वारा नेपाली मुसलमानों में प्रभाव बढ़ाने की आशंका पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ पुलिस ने भी महराजगंज व सिद्धार्थनगर में सुरक्षा के लिहाज ...और पढ़ें

जागरण टीम, महराजगंज/सिद्धार्थनगर। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में मदरसों को माध्यम बनाकर मुसलमानों में अपना प्रभाव बढ़ा रही है। नेपाल के रुपंदेही, कपिलवस्तु, बर्दिया और बांके जिलों में 50 से अधिक नई मस्जिदों और मदरसों का निर्माण इस आशंका को बल दे रहा है। सऊदी अरब, इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक और मुस्लिम वर्ल्ड लीग द्वारा काठमांडू में पाकिस्तान के दूतावास के माध्यम से इनके निर्माण के लिए धन भेजे जाने की सूचना है। आइएसआइ की तरफ से भी नेपाल के मदरसों को फंडिंग के इनपुट मिले हैं।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ पुलिस ने भी महराजगंज व सिद्धार्थनगर में सुरक्षा के लिहाज से सक्रियता बढ़ा दी है। 14.83 लाख जनसंख्या के साथ नेपाल में मुस्लिमों की कुल हिस्सेदारी 5.09 प्रतिशत है। इनमें से अधिकांश लोग उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा से सटे तराई क्षेत्र में रहते हैं। नेपाल के रुपंदेही, नवलपरासी, कपिलवस्तु, बर्दिया और बांके आदि जिलों में इनकी घनी आबादी है। इसी का लाभ उठा कर भारत विरोधी तत्व अपने मंसूबे में कामयाब हो जा रहे हैं।
आइएसआइ ने नियमित रूप से पाकिस्तान से नेपाल में तबलीगी जमातों की यात्राएं भी आयोजित की। सीमावर्ती क्षेत्र की गतिविधियों में शामिल होने से आइएसआइ को नेपाल में जमात-ए-मिल्ली-ए-इस्लामिया (जेएमआई), नेपाल इस्लामिक युवा संघ (एनआइवाइएस) और नेपाल मुस्लिम इत्तेहाद संघ (एनएमआइएस) जैसे महत्वपूर्ण मुस्लिम संगठनों के साथ संबंध स्थापित करने में मदद मिली। सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में बढ़ी मदरसों की संख्या से अफसर चौकन्ने हैं। सितंबर 2018 में भारतीय क्षेत्र में 501 मदरसे थे जो सितंबर 2021 में 623 हो गए।
महराजगंज में बड़ी संख्या में खुले हैं मदरसे
महराजगंज में भी बड़ी संख्या में मदरसे खुले हैं। 74 मदरसे बिना मान्यता के संचालित हैं। बीते वर्ष नेपाल में पर्यटक वीजा पर घूमने आए 321 रोहिंग्या समेत 1043 विदेशी नागरिक भूमिगत हो गए थे। नेपाल पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में आशंका व्यक्त की थी कि सीमावर्ती मदरसों में कुछ दिन ठहरने के बाद रोहिंग्या भारत में प्रवेश कर गए हैं। पांच मार्च 2010 को इंडियन मुजाहिद्दीन का खास सदस्य सलमान उर्फ छोटू सिद्धार्थनगर के बढ़नी बार्डर से पकड़ा गया था।
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ग्रामीणों से संवाद की डोर मजबूत कर रही पुलिस
सिद्धार्थनगर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि आपरेशन कवच के तहत नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के 570 किमी सीमावर्ती इलाके में पुलिस व सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान संयुक्त गश्त कर रहे हैं। 948 गांवों में सुरक्षा समिति का गठन किया गया है,जिसके सदस्यों की नजर अवैध गतिविधि पर रहती है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
सीमावर्ती क्षेत्र में संचालित मदरसों की नियमित जांच की जाती है। उनके आय- व्यय का विवरण देखा जाता है। वहां रहने वाले लोगों की पहचान समय- समय पर नेपाल पुलिस से कराई जाती है।
-गणेश आर्याल, सीडीओ रुपंदेही, नेपाल