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    बिना OTP नहीं मिलेगा रसोई गैस सिलेंडर, तेल कंपनियों ने एजेंसी संचालकों को दिए निर्देश

    Updated: Mon, 09 Mar 2026 01:53 PM (IST)

    पेट्रोलियम मंत्रालय ने रसोई गैस सिलेंडर डिलीवरी के लिए 80% ओटीपी (डीएसी) अनिवार्य कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए ओटीपी बताना होगा, अ ...और पढ़ें

    80 प्रतिशत डिलिवरी आथेंटिकेशन कोड अनिवार्य। जागरण

    80 प्रतिशत डिलिवरी आथेंटिकेशन कोड अनिवार्य। जागरण

    HighLights

    1. रसोई गैस सिलेंडर के लिए ओटीपी बताना अनिवार्य होगा।

    2. पेट्रोलियम मंत्रालय ने 80% डीएसी लागू करने को कहा।

    3. गोरखपुर में सिलेंडर की कमी से उपभोक्ता परेशान हैं।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रसोई गैस सिलेंडर लेने के लिए ओटीपी बताना ही होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों को 80 प्रतिशत डिलिवरी आथेंटिकेशन कोड (डीएसी) की व्यवस्था अब अनिवार्य रूप से लागू कराने को कहा है।

    यानी 80 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ओटीपी के आधार पर सिलेंडर नहीं लिया तो पेट्रोलियम कंपनियों के रिकार्ड में इनके वितरण की व्यवस्था पूरी नहीं मानी जाएगी। इसके आधार पर एजेंसियों की आपूर्ति भी रुक सकती है। सिलेंडर की कमी के बीच डीएसी के लिए सख्ती से उपभोक्ताओं में खलबली बढ़ती जा रही है।

    पेट्रोलियम कंपनियों ने तकरीबन पांच वर्ष पहले डीएसी की व्यवस्था बनाई थी। कहा गया था कि सिलेंडर की बुकिंग करने पर उपभोक्ता के मोबाइल फोन नंबर पर चार अंक का कोड आएगा। यह कोड सिलेंडर लेकर आने वाले हाकर को बताना होगा। जब हाकर सिलेंडर उपभोक्ता को देगा तो उसे इस कोड को सिस्टम में दर्ज करना होगा।

    इसके बाद ही वितरण की प्रक्रिया पूरी होगी। ओटीपी मिलने में आनाकानी और ग्रामीण क्षेत्रों में ओटीपी आने में हाे रही दिक्कत को देखते हुए डीएसी की व्यवस्था को अनिवार्य नहीं किया गया था। इस कारण सिलेंडर मिलने में परेशानी नहीं हो रही थी लेकिन अब कंपनियों ने 80 प्रतिशत तक डीएसी को अनिवार्य कर दिया है।

    डीएसी नहीं तो एजेंसी संचालक की बढ़ेगी मुश्किल
    यदि बिना डीएसी सिलेंडर का वितरण हुआ तो एजेंसी संचालक की मुसीबत बढ़ेगी। इससे एजेंसी संचालक के गोदाम में सिलेंडर की उपलब्धता तेल कंपनियों के सिस्टम पर दिखेगा। एजेंसी संचालक को तब तक सिलेंडर की आपूर्ति नहीं दी जाएगी, जब तक उनका स्टाक 20 प्रतिशत से कम न हो जाए।

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    बुकिंग न होने से परेशान हैं उपभोक्ता
    जिन उपभोक्ताओं ने कुछ दिन पहले ही सिलेंडर लिया है, उनकी बुकिंग नहीं हो पा रही है। इससे वह परेशान हैं। तेल कंपनियों ने पहले ही एक सिलेंडर लेने के 25 दिन बाद ही बुकिंग की व्यवस्था बना दी है लेकिन लोग एजेंसियों के शोरूम पर पहुंचकर बुकिंग का दबाव बना रहे हैं।

    संचालकों के खिलाफ बढ़ रही नाराजगी
    जिन उपभोक्ताओं को अब तक बिना बुकिंग भी सिलेंडर मिल जा रहा था, उन्हें सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। यह उपभोक्ता अब भी बिना बुकिंग सिलेंडर चाह रहे हैं। जब एजेंसी संचालक बुकिंग कराने का अनुरोध कर रहे हैं तो उनकी नाराजगी बढ़ जा रही है। कई लोग ऐसे हैं जिनका कनेक्शन ग्रामीण क्षेत्र के पता का है लेकिन वह शहर में रहकर अपने संबंधों के आधार पर सिलेंडर लेते हैं। ऐसे लोगों की भी मुसीबत बढ़ गई है।

    किल्लत के बीच प्लांट को भी बंद रखा
    गोरखपुर: एक तरफ रसोई गैस की कमी बढ़ रही है तो दूसरी तरफ इंडियन आयल ने गीडा स्थित अपने बाटलिंग प्लांट को रविवार को बंद रखा। पहले कहा गया था कि रविवार को अवकाश के बाद भी प्लांट में सिलेंडर की रीफिलिंग की जाएगी। इससे ज्यादा से ज्यादा एजेंसियों पर सिलेंडर भेजा जाएगा लेकिन रविवार को प्लांट बंद कर दिया गया। इससे पहले होली पर भी प्लांट बंद रखा गया था।

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    डीएसी के आधार पर सिलेंडर से वास्तविक उपभोक्ता को लाभ मिलेगा। सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए। रसोई गैस की कमी नहीं है। इस कारण प्लांट नहीं चलाया गया है।

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    -रवि चंदेरिया, उप महाप्रबंधक, इंडियन आयल