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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Maha Kumbh 2025: गोरखपुर से श्रद्धालुओं को लेकर महाकुंभ रवाना हुईं 100 स्पेशल बसें, संगमनगरी आना-जाना होगा आसान

    Updated: Wed, 15 Jan 2025 05:37 PM (IST)

    Maha Kumbh Mela 2025 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गोरखपुर से 100 विशेष बसें चलाई गई हैं। ये बसें बस्ती क्षेत्र से भी संचालित हो रही हैं। प्रयागराज ...और पढ़ें

    Maha Kumbh 2025: गोरखपुर में चलेंगी 2300 बसें। जागरण
    Maha Kumbh 2025: गोरखपुर में चलेंगी 2300 बसें। जागरण

    HighLights

    1. झूसी में रुक रहीं गोरखपुर से जाने वाली बसें, बस्ती से चलने वाली स्पेशल बेला कछार
    2. चलेंगी 2300 बसें, संगम जाने के लिए प्रयागराज परिसर में चलाई जा रहीं हैं शटल बसें

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मकर संक्रांति पर्व पर महाकुंभ में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए गोरखपुर परिक्षेत्र से 100 स्पेशल बसें चलाई गईं। बस्ती क्षेत्र से 30 बसें रवाना हुईं। गोरखपुर परिक्षेत्र से महाकुंभ जाने वाली बसें झूसी में तथा बस्ती से जाने वाली बसें बेला कछार में बने अस्थायी स्टेशनों पर रुक रहीं हैं।

    संगम तट पर जाने के लिए प्रयागराज परिसर में शटल बसें चलाई जा रही हैं। प्रयागराज में 350 शटल बसें चल रही हैं, जिसमें 50 गोरखपुर परिक्षेत्र की हैं। महाकुंभ के दौरान गोरखपुर से 2300 सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से प्रयागराज के लिए 7000 बसें चलाई जाएंगी। गोरखपुर परिक्षेत्र से चलने वाली महाकुंभ स्पेशल बसें 38 प्वाइंटों से होकर गुजर रही हैं। यह सभी बसें भगवा रंग में एक डिजाइन की हैं।

    गोरखपुर परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह के अनुसार महाकुंभ में पहुंचने वाली बसें प्रयागराज के अंदर नहीं जा रहीं। बसें प्रयागराज शहर की सीमा पर बनें प्वाइंट पर रोक दी जा रहीं। प्वाइंट तक पहुंचे श्रद्धालुओं को मेला परिसर तक आवागमन कराने के लिए शटल बसें चलाई जा रही हैं।

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    Maha Kumbh 2025:संगम तट पर अमृत स्नान करने जाते संतों को देखने के लिए खड़े लोग।-रंगनाथ तिवारी।


    प्रयागराज के अंदर मुख्य स्नान पर्व के दौरान महाकुंभ मेला क्षेत्र में चलने वाली रोडवेज बस की शटल सेवा के लिए किराया माफ कर दिया गया है। श्रद्धालुओं को टिकट तो मिलेगा, लेकिन वह शून्य मूल्य का होगा। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या, 03 फरवरी को बसंत पंचमी और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व के एक दिन पूर्व से एक दिन बाद तक प्रयागराज नगर एवं मेला क्षेत्र के आसपास के विभिन्न पार्किंग स्थलाें से स्नानार्थियों को मेला क्षेत्र में ले आने और ले जाने के लिए निश्शुल्क शटल बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

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    आरएम ने बताया कि खिचड़ी मेला अवधि में गोरखपुर के आसपास वाले लोकल रूटों पर 450 स्पेशल बसें चलाई जा रही हैं। यह बसें श्रद्धालुओं को वापस भी पहुंचाएंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महानगर की प्रमुख सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं।

    गोरखनाथ मेला परिसर में कैंप लगाया गया है, जहां यात्रियों को बसों की अपडेट जानकारी दी जा रही हैं। प्रयास किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। चालकों को भी श्रद्धालुओं के साथ विनम्रता के साथ व्यवहार करने के लिए निर्देशित किया गया है। चालक और परिचालक पूरी तरह वर्दी में चल रहे हैं। नशा में पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

    संगम तट पर अमृत स्नान करते श्रद्धालु।-रंगनाथ तिवारी


    रोडवेज के संविदा चालकों और परिचालकों का बढ़ा मानदेय

    क्षेत्रीय प्रबंधक के अनुसार संविदा चालकों और परिचालकों का मानदेय बढ़ा दिया गया है। चालकों के मानदेय में 09 प्रतिशत और परिचालकों के मानदेय में 07 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वर्तमान समय में चालकों एवं परिचालकों को 1.89 रुपये प्रति किमी की दर से मानदेय मिल रहा है, जिसे बढ़ाकर क्रमश 2.06 रुपये प्रति किमी एवं 2.02 रुपये प्रति किमी कर दिया गया है।

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    चालकों के मानदेय में 17 पैसे प्रति किमी एवं परिचालकों के मानदेय में 13 पैसे प्रति किमी की वृद्धि कर दी गई है। नवीन उत्तम प्रोत्साहन योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए चालकों को दो वर्ष की निरंतर सेवा एवं परिचालकों को 04 वर्ष की निरंतर सेवा जरूरी है। वित्तीय वर्ष में उन्हें 288 दिन की डयूटी एवं 66000 किमी की दूरी पूर्ण किया जाना जरूरी है।