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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP News: गोरखपुर लूटकांड का हुआ खुलासा, सात लुटेरे गिरफ्तार; तीन लाख का माल बरामद

    Updated: Thu, 20 Feb 2025 08:45 PM (IST)

    गोरखपुर में 10 फरवरी को हुई सर्राफा कारोबारी लूटकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस घटना में शामिल सात लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है जब ...और पढ़ें

    पुलिस कार्यालय में प्रेस वार्ता करते एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव- जागरण
    पुलिस कार्यालय में प्रेस वार्ता करते एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव- जागरण

    HighLights

    1. कैंपियरगंज में 10 फरवरी की शाम को हुई थी घटना
    2. गोरखपुर व महराजगंज के लुटेरों ने की थी वारदात,दो की तलाश
    3. आरोपितों के कब्जे से बरामद हुए लूटे गए सोने व चांदी के पूरे गहने

    जागरण संवाददाता,गोरखपुर। कैंपियरगंज में 10 फरवरी को हुए सर्राफा कारोबारी लूटकांड का पुलिस ने गुरुवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने इस घटना में शामिल सात लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है। गिरफ्तार लुटेरों में तीन महराजगंज जिले के रहने वाले हैं,उनके पास से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद हुए।पूछताछ व जांच में यह सामने आया कि लुटेरों ने कारोबारी की रेकी कर वारदात को अंजाम दिया था।

    एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने गुरुवार को पुलिस कार्यालय में प्रेस वार्ता कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीपीगंज के रहने वाले सर्राफा कारोबारी राजेंद्र वर्मा की महराजगंज के फरेंदा थाना क्षेत्र के बरातगाड़ा झावांकोट में सोने-चांदी की दुकान है। वह रोज़ाना दुकान का कीमती सामान अपने साथ घर ले जाते थे। लुटेरों को इस बात की भनक लग गई थी।

    उन्होंने कई दिनों तक उनकी हरकतों पर नज़र रखी और फिर 10 फरवरी की रात को, जब राजेंद्र दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तो उन्हें रोककर उनकी बाइक और झोला लूट लिया। झोले में सोने-चांदी के गहने थे। लूट के बाद लुटेरे मौके से फरार हो गए।

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    घटना के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो पहले मामला संदिग्ध माना जा रहा था। कुछ लोगों ने दावा किया कि सर्राफ के पास गहने थे ही नहीं और उसकी बाइक की डिक्की में सिर्फ सब्जी भरी थी। हालांकि, जब पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरे के फुटेज को खंगाला, तो एक संदिग्ध बाइक नजर आई, जिस पर एक अलग तरह का स्टीकर लगा था।

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    आरोपियों को भेजा गया जेल। जागरण


    इसी स्टीकर की जांच के आधार पर पुलिस को महराजगंज,पनियरा के जंगल जरलहवा उर्फ सूचितपुर मंजीत निषाद के बारे में जानकारी मिली।इसके बाद पुलिस ने जब उस युवक के मोबाइल नंबर की काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) निकलवाई, तो पता चला कि घटना के समय वह मौके पर ही मौजूद था।

    इसके बाद मंजीत निषाद को पकड़ लिया। उसकी गिरफ्तारी के बाद बाकी आरोपियों की भी पहचान हो गई और पुलिस ने उन्हें धर-दबोचा।लुटेरों के पास से तीन लाख से अधिक के सोने-चांदी के गहने और नकदी बरामद कर ली है। पूछताछ में आरोपियों ने लूट की वारदात कबूल कर ली।दोपहर बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।

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    संतोष व मंजीत हैं गिरोह के सरगना

    पुलिस ने गिरोह के सरगना कैंपियरगंज के करीमनगर टोला कोईरीपुरवा के संतोष मौर्य,श्यामलाल गौड़,संदीप साहनी,मुलायम साहनी,महराजगंज जिले के पनियरा स्थित जंगल जरलहवा उर्फ सुचितपुर गांव के मंजीत निषाद,अमरनाथ विश्वकर्मा,बड़हरा लाला गांव के आलोक पासवान को गिरफ्तार किया।इस लूटकांड में कुल नौ लोग शामिल थे। इनमें से दो आरोपित अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।