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    गोरखपुर : प्रबंध बोर्ड की बैठक में अहम फैसले, स्कॉलरशिप-शोध प्रोत्साहन और अंतरराष्ट्रीय प्रोफेसरों की नियुक्ति को मंजूरी

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 06:57 PM (GMT+05:30)

    मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमयूटी) के प्रबंध बोर्ड ने छात्रवृत्ति, शोध प्रोत्साहन, अंतरराष्ट्रीय प्रोफेसरों की नियुक्ति और विदेशी व ...और पढ़ें

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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    HighLights

    1. छात्रवृत्ति, शोध प्रोत्साहन व अंतरराष्ट्रीय प्रोफेसरों की नियुक्ति मंजूर।

    2. विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश और शुल्क संरचना को भी स्वीकृति।

    3. अतिथि शिक्षकों की सेवाएं जारी रखने का निर्णय लिया गया।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमयूटी) के प्रबंध बोर्ड की 59वीं बैठक गुरुवार को कुलपति की अध्यक्षता में हुई। जिसमें विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, अनुसंधान, नवाचार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा छात्र-हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

    साथ ही विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को नई गति देने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रोफेसरों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और मानदेय संबंधी दिशा-निर्देशों व विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए सत्र 2026-27 का एडमिशन ब्रोशर और शुल्क संरचना भी मंजूर की गई।

    प्रबंध बोर्ड ने आर्थिक रूप से कमजोर एवं मेधावी विद्यार्थियों को हरिहर प्रसाद दुबे फाउंडेशन ट्रस्ट के माध्यम से छात्रवृत्ति प्रदान करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अलावा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में शिक्षण व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए पात्र अतिथि शिक्षकों की सेवाएं जारी रखने का निर्णय लिया गया। यह अनुमोदन सेल्फ अप्रेज़ल, छात्र फीडबैक तथा विभागाध्यक्षों की संस्तुति के आधार पर होगा।

    बाह्य वित्तपोषित शोध परियोजनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद 

    बैठक में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीड मनी योजना तथा रिसर्च स्कॉलर कंटिन्जेंसी ग्रांट के दिशा-निर्देशों एवं वित्तीय प्रविधानों पर भी बोर्ड ने मुहर लगाई। इन योजनाओं से युवा शिक्षकों और शोधार्थियों को बेहतर अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा बाह्य वित्तपोषित शोध परियोजनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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    कुलपति प्रो.अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि बोर्ड के निर्णय विश्वविद्यालय को शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक सहयोग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होंगे। कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी ने बताया कि स्वीकृत सभी प्रस्तावों के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इससे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान संस्कृति और वैश्विक सहभागिता को और मजबूती मिलेगी।

    दीक्षा समारोह की तैयारियों की हुई समीक्षा

    बैठक में विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षा समारोह की तैयारियों की समीक्षा की गई। कुलपति ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी, जबकि एचपीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विकास कौशल मुख्य अतिथि होंगे।

    इस अवसर पर उन्हें उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए विश्वविद्यालय की ओर से मानद उपाधि (ऑनरेरी डिग्री) प्रदान की जाएगी। बोर्ड ने सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करके साथ हीने के निर्देश दिए।