यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gorakhpur News: इलेक्ट्रिक बस में नहीं लगेगा टिकट, अब कार्ड दिखाकर कर सकेंगे सफर; यहां पढ़ें पूरी जानकारी
इलेक्ट्रिक बस में सफर अब और आसान हो जाएगा। यात्रियों को जल्द ही इन बसों में भी एमएसटी की सुविधा मिलने लगेगी। कार्ड तीन तरह के बनाए जाएंगे। इसके लिए शह ...और पढ़ें

HighLights
- खुलेंगे काउंटर, आवेदन करते ही 20 मिनट में बन जाएगा एमएसटी
- प्रस्ताव पर मुहर लगते ही शुरू होगी एमएसटी बनाने की प्रक्रिया
- दिव्यांग व स्वतंत्रता सेनानियों के लिए अलग से बनेगा एमएसटी
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। महानगर में इलेक्ट्रिक बस से सफर करने वालों (छात्र और नौकरीपेशा आदि) के लिए राहत भरी खबर है। यात्रा के दौरान अब उन्हें जेब में पैसे लेकर चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जल्द ही मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। महानगर इलेक्ट्रिक बस संचालन समिति ने इसके लिए एजेंसी नामित कर दी है। एजेंसी ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्रस्ताव पर मुहर लगते ही एमएसटी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
तीन तरह के बनाए जाएंगे एमएसटी
- पहला निर्धारित रूट के लिए, जिसके माध्यम से यात्री निर्धारित मार्ग पर आवागमन कर सकेंगे।
- दूसरा किसी भी रूट के लिए बनेगा। इस पर यात्री किसी भी मार्ग पर आवागमन कर सकेंगे।
- तीसरा ओपेन कार्ड बनेगा। इस कार्ड को 500 रुपये से रिचार्ज कराना होगा। कार्ड में जब तक पैसा रहेगा, यात्री अपनी सुविधानुसार यात्रा कर सकेंगे।
दिव्यांग व स्वतंत्रता सेनानियों के लिए अलग से बनेगा एमएसटी
दिव्यांग और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए अलग से एक वर्ष के लिए कार्ड बनेगा। 100 रुपये शुल्क के साथ फार्म भरना होगा। एमएसटी पर भी नियमानुसार किराये में छूट प्रदान की जाएगी। एमएसटी के लिए महानगर में जगह-जगह काउंटर खोले जाएंगे ताकि लोग सुविधानुसार कार्ड बनवा सकें। आवेदन करने के 15 से 20 मिनट में ही यात्रियों का एमएसटी बन जाएगा। इसके लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगी।
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एमएसटी बनने के बाद तय समय पर कराना होगा नवीनीकरण
एक बार एमएसटी बन जाने के बाद तय समय के बाद नवीनीकरण होता रहेगा। महानगर इलेक्ट्रिक बस संचालन समिति के कार्यपालक अधिकारी पीके तिवारी के अनुसार प्रस्ताव तैयार है। बोर्ड की सहमति बनते ही आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एमएसटी से लोगों की यात्रा सुविधाजनक होगी।
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परिवहन निगम को शीघ्र मिलेंगी 40 और नई बसें
परिवहन निगम (रोडवेज) के बेड़े में भी 40 और नई बसें शामिल होंगी। सेवा प्रबंधक संजीव यादव के अनुसार गोरखपुर परिक्षेत्र के लिए 70 नई बसों की मांग की गई थी। 40 बसें मिल चुकी हैं। बसें कानपुर और जयपुर में बन रही हैं। आने वाले दिनों में परिक्षेत्र को 110 नई बसें मिल जाएंगी। जल्द ही नई बसों का रूट निर्धारित कर दिया जाएगा।
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महानगर को 50 और इलेक्ट्रिक बसें भी जल्द
महानगर में 100 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। दिसंबर तक 50 और इलेक्ट्रिक बसें मिल जाएंगी। अगले वर्ष जून तक 25 बस मिलने के साथ ही बेड़ा पूरा हो जाएगा। शासन के दिशा-निर्देश पर महानगर इलेक्ट्रिक बस संचालन समिति ने तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में शहर के विभिन्न रूटों पर 25 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही हैं।