गोरखपुर का मुक्ताकाशी मंच छह साल बाद होगा गुलजार, नई फर्म संभालेगी कमान
गोरखपुर का मुक्ताकाशी मंच छह साल बाद फिर से जीवंत होगा। जीडीए ने इसके संचालन, अनुरक्षण और प्रबंधन के लिए अतिरेक शाही की फर्म का चयन किया है। यह फर्म न ...और पढ़ें

तारामंडल क्षेत्र में बना मुक्ताकाशी मंच l जागरण
HighLights
गोरखपुर का मुक्ताकाशी मंच छह साल बाद फिर जीवंत होगा।
जीडीए ने संचालन हेतु अतिरेक शाही की फर्म चुनी।
नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, किड्स जोन जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रामगढ़ताल क्षेत्र में छह साल से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ा मुक्ताकाशी मंच फिर जीवंत होगा। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से शहर के इस प्रमुख सांस्कृतिक स्थल के संचालन, अनुरक्षण और प्रबंधन के लिए की जा रही नई फर्म की तलाश पूरी हो गई है।
गोरखनाथ क्षेत्र में मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम का संचालन कर रहे गोरखपुर के अतिरेक शाही की फर्म इसका भी संचालन करेगी। जीडीए की ओर से आशय पत्र जारी किया जा चुका है। पखवारे भर के भीतर अनुबंध की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी। फर्म की ओर से यहां नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा यहां विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
बच्चों के लिए किड्स जोन के साथ ही कैफे आदि की भी सुविधा विकसित करने की कार्ययोजना है। अगस्त, 2024 में जीडीए ने मुक्ताकाशी मंच के संचालन के लिए गाजियाबाद की फर्म मेसर्स बाला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लि. का चयन किया था। लेकिन, फर्म ने करीब दस महीने तक काम नहीं शुरू कराया जिसपर प्राधिकरण ने अनुबंध निरस्त कर दिया।
मुक्ताकाशी मंच के अनुरक्षण और सुधार कार्य का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 सितंबर, 2018 को किया था। करीब तीन करोड़ 89 लाख रुपये की लागत से कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस यूनिट-19, उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा इसका निर्माण कराया गया। इसके बाद 16 नवंबर, 2019 को मुख्यमंत्री ने मंच का लोकार्पण किया।
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लोकार्पण के समय यह उम्मीद की जा रही थी कि मुक्ताकाशी मंच गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान बनेगा, लेकिन स्पष्ट कार्ययोजना के अभाव में यह अपेक्षा पूरी नहीं हो सकी। बताया जाता है कि संस्कृति विभाग को मंच के नियमित उपयोग को लेकर ठोस योजना नहीं मिल पाई, जिससे यह लंबे समय तक निष्क्रिय रहा। कलाकारों और सांस्कृतिक संगठनों की मांग के बाद आठ अगस्त, 2020 को संस्कृति विभाग और जीडीए के बीच करार हुआ, जिसके तहत मंच का संचालन और अनुरक्षण गोरखपुर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया।
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मुक्ताकाशी मंच की स्थापना लगभग 36 वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के कार्यकाल में हुई थी। रख-रखाव की स्थायी व्यवस्था न होने के कारण यह जर्जर हो गया था, जिसके चलते पुनर्निर्माण की जरूरत पड़ी।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि मुक्ताकाशी मंच के संचालन के लिए फर्म का चयन हो गया है। सबसे अधिक 1.37 लाख रुपये मासिक किराया प्रस्तावित करने वाली फर्म को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंच के संचालन के साथ ही यहां कुछ और सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिसके लिए फर्म से कार्ययोजना मांगी गई है।