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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Good News: भारतीय पर्यटक अब 4.25 लाख रुपये नकद लेकर जा सकेंगे नेपाल, अभी 25000 से अधिक रुपये हो जाती थी जब्त

    Updated: Thu, 31 Jul 2025 08:00 AM (GMT+05:30)

    नेपाल सरकार ने भारतीय पर्यटकों के लिए नकद राशि की सीमा 25 हजार से बढ़ाकर 4.25 लाख रुपये कर दी है। यह निर्णय पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश ...और पढ़ें

    महराजगंज के सोनौली में स्थित भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा।
    महराजगंज के सोनौली में स्थित भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा।

    HighLights

    1. नकद सीमा 25 हजार से बढ़कर 4.25 लाख |
    2. पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा |
    3. सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को राहत |

    सतीश पांडेय, जागरण गोरखपुर। पर्यटन, उपचार और कारोबार के सिलसिले में नेपाल जाने वाले लोग अब ज्यादा नकदी साथ ले जा सकेंगे। नेपाल सरकार ने भारतीयों के लिए नकद राशि की सीमा 25 हजार से बढ़ाकर 4.25 लाख रुपये कर दी है। अन्य विदेशी यात्री पांच हजार अमेरिकी डॉलर (4,34,048 रुपये) व ट्रैवेलर्स चेक साथ ले जा सकेंगे।

    छह लाख तक की रकम ले जाने वाले अन्य विदेशी नागरिकों को भंसार कार्यालय पर लिखित जानकारी देनी होगी। अभी तक भारतीयों के पास यदि 25 हजार रुपये से अधिक की धनराशि मिलती थी तो कस्टम या नेपाल पुलिस उसे जब्त कर लेती थी। नेपाल सरकार ने यह निर्णय पर्यटन उद्योग और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए लिया है।

    भारत और नेपाल के बीच आने-जाने के लिए पासपोर्ट या वीज़ा की आवश्यकता न होने के कारण बड़ी संख्या भारतीय पर्यटक काठमांडू, पोखरा, पशुपतिनाथ समेत नेपाल की पहाड़ियों और अन्य पर्यटन स्थलों पर घूमने जाते रहे हैं। इसके अलावा भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में दांत और आंख का उपचार कराने भी नेपाल जाते हैं।

    भारत की तुलना में वहां उपचार सस्ता बताया जाता है। मसाला, सूखा मेवा और कास्मेटिक उत्पादों के कारोबार से जुड़े व्यापारी भी भारत से नेपाल जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पर्यटकों के साथ-साथ कारोबारियों और मरीजों की संख्या में लगातार कमी देखी जा रही थी।

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    भारतीयों के लिए महज 25 हजार रुपये की नकद राशि साथ ले जाने की व्यवस्था को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा था। नेपाल के पर्यटन उद्योग और आर्थिकी पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए नेपाल सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया।

    केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में उप प्रधानमंत्री-सह अर्थ मंत्री विष्णु प्रसाद पौडेल ने भारतीय पर्यटकों के लिए नकद राशि की सीमा को बढ़ाने की घोषणा की, जो प्रभावी हो गया है। सोनौली से लेकर भारत-नेपाल की सभी सीमाओं पर इसके बारे में पर्यटकों को जानकारी दी जा रही है।

    नकद राशि ले जाने की सीमा भले बढ़ा दी गई है लेकिन नेपाल में 100 रुपये से ऊपर मूल्य के भारतीय नोटों के प्रचलन पर रोक बरकरार रखी गई है। 200 और 500 के नोट वहां के व्यापारी स्वीकार नहीं कर रहे हैं। नेपाल में हवाई या स्थलीय मार्ग से आने वाले अन्य विदेशी यात्रियों की सीमा भी बढ़ाकर पांच हजार अमेरिकी डालर कर दी गई है।

    सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले भारतीय नेपाल सरकार के इस कदम से प्रसन्न हैं। उनका कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र के भारतीयों को इससे काफी राहत मिलेगी। इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए नेपाल के अस्पतालों में जाते हैं। वहीं, व्यापारी वर्ग भी नियमित रूप से नेपाल में कारोबार के सिलसिले में यात्रा करते हैं। अब अधिक नकद साथ ले जाने की अनुमति से इलाज और व्यापार में जरूरतमंदों को सुविधा मिलेगी।