सिस्टम पर सवाल: अधिसूचना गलत थी और जारी कर दी कोटा निरस्त करने की चिट्ठी, कर्मचारियों में आक्रोश
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में सहायक लोको पायलट के 175 पदों पर पदोन्नति के लिए गलत अधिसूचना जारी होने के बाद 50% विभागीय कोटा निरस्त कर दिया गया है ...और पढ़ें

रेलकर्मियों में हलचल, पदोन्नति को लेकर उहापोह की स्थिति। जागरण
HighLights
सहायक लोको पायलट के 175 पदों पर गलत अधिसूचना जारी।
50% विभागीय पदोन्नति कोटा प्रशासनिक कारणों से निरस्त।
रेलकर्मियों में भारी असंतोष, विभागीय परीक्षाओं पर उठे सवाल।
प्रेम नारायण द्विवेदी, गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में विभागीय पदोन्नति और परीक्षाएं मजाक बनकर रह गई हैं। अभी तक आयोजित परीक्षाएं ही निरस्त होती रहीं हैं, अब रेलवे प्रशासन परीक्षाओं से संबंधित अधिसूचना भी गलत जारी कर दे रहा है। लखनऊ मंडल प्रशासन ने सहायक लोको पायलट, लेवल-2 में ग्रेड पे 1900 में 50 प्रतिशत डिपार्टमेंटल कोटा में 175 पद पर प्रमोशन के लिए 02 फरवरी 2026 को जनरल डिपार्टमेंटल कंपेटेटिव इग्जामिनेशन (जीडीसीई) की अधिसूचना जारी कर दी।
जबकि, यह अधिसूचना प्रमोशनल इग्जाम के तहत जारी की जानी थी। तीन माह बाद रेलवे प्रशासन को अपनी गलती का अहसास हुआ तो 24 जून 2026 को आनन-फानन प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए 50 प्रतिशत डिपार्टमेंटल कोटा को निरस्त करने की चिट्ठी निकाल दी। सहायक कार्मिक अधिकारी लखनऊ का जारी पत्र रेलकर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कर्मचारी संगठनों में हलचल है। परीक्षा की तैयारी में जुटे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में उहापोह है। उनकी समझ में नहीं आ रहा कि आखिर रेलवे प्रशासन कहना और करना क्या चाहता है।
इस संबंध में जब लखनऊ के वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया सहायक लोको पायलट, लेवल-2 में ग्रेड पे 1900 में 50 प्रतिशत डिपार्टमेंटल कोटा की अधिसूचना गलत जारी हो गई थी। जल्द ही नियमानुसार अधिसूचना जारी की जाएगी।
दरअसल, विभागीय पदोन्नति के लिए मंडल स्तर पर पहले विभागीय प्रमोशन की प्रक्रिया अपनायी जाती है। फिर लिमिटेड डिपार्टमेंटल कंपेटेटिव इग्जामिनेशन (एलडीसीई) के तहत पदों को भरा जाता है। जोन स्तर पर जनरल डिपार्टमेंटल कंपेटेटिव इग्जामिनेशन (जीडीसीई) के अंतर्गत रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया अपनायी जाती है।
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इस प्रकिया में आरपीएफ और लेखा को छोड़ सभी विभाग के रेलकर्मी शामिल होते हैं। लखनऊ मंडल प्रशासन (कार्मिक विभाग) ने सहायक लोको पायलट, लेवल-2 में ग्रेड पे 1900 में 50 प्रतिशत डिपार्टमेंटल कोटा में 175 पद पर पदोन्नति के लिए सीधे जनरल डिपार्टमेंटल कंपेटेटिव इग्जामिनेशन की अधिसूचना जारी कर दी। आवेदन फार्म और उसकी तिथि भी जारी कर दी।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आवेदन कर तैयारी में जुट गए। जब, परीक्षा आदि की तैयारी शुरू हुई तो जांच में गड़बड़ी का खुलासा हुआ। रेलवे प्रशासन की इस उदासीनता को लेकर रेलकर्मियों विशेषकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में आक्रोश है। एनई रेलवे मजदूर यूनियन ने भी लापरवाही पर नाराजगी जतायी है। यूनियन के महामंत्री बसंत चतुर्वेदी बताते हैं कि लखनऊ मंडल में ही करीब 400 लोको पायलटों की आवश्यकता है। लेकिन, न सीधी भर्ती हो रही और न समय से विभागीय पदोन्नति हो पा रही।
रिक्त पदों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसका खामियाजा रेलकर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। रेलवे के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। योग्यता के बाद भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (ट्रैकमेंटनर, खलासी, सफाईकर्मी आदि) रेल लाइनों और कार्यालयों में कार्य करने को मजबूर हैं। विभागीय लापरवाही के चलते 175 पद पर होने वाली पदोन्नति पर ही संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे में छह माह में तीन विभागीय परीक्षाएं निरस्त की जा चुकी हैं। लेकिन, सवाल यह है कि परीक्षा में अधिकारियों की उदासीनता कब तक चलेगी। रेलवे प्रशासन सभी निरस्त परीक्षाओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। दोबारा परीक्षा आयोजित कर समय से परिणाम घोषित कर पदोन्नति करे।