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    पूर्वोत्तर रेलवे की ट्रेनों में अब 'लाइब्रेरी ऑन व्हील्स' से ज्ञानपरक होगा सफर, मोबाइल के उपयोग से मिलेगी मुक्ति

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 07:53 AM (IST)

    पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने ट्रेनों में 'लाइब्रेरी आन व्हील्स' योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य यात्रियों में पढ़ने की रुचि बढ़ाना और ...और पढ़ें

    पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक ट्रेन से होगी शुरुआत। जागरण

     पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक ट्रेन से होगी शुरुआत। जागरण

    प्रेम नारायण द्विवेदी, गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने पढ़ने के शौकीन यात्रियों के लिए ट्रेन में 'लाइब्रेरी ऑन व्हील्स' (सचल पुस्तकालय) की योजना बनाई है। इसके तहत ट्रेनों के किसी एक कोच के स्वरूप में बदलाव कर पुस्तकालय का रूप दिया जाएगा।

    प्रयोग (पायलट प्रोजेक्ट) के तौर पर पहले किसी एक ट्रेन का चयन किया जाएगा। यह सफल रहा तो सभी प्रमुख ट्रेनों में इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कंफर्म टिकट पर सफर कर रहे यात्री पुस्तकें, मैग्जीन (पत्र-पत्रिकाएं) आदि इश्यू कराकर अपनी सीट पर पढ़ सकेंगे। पुस्तकों को इश्यू और जमा करने की जिम्मेदारी कोच अटेंडेंट की होगी।

    महाप्रबंधक के निर्देश पर रेलवे प्रशासन ने इसके एसओपी (संचालन प्रक्रिया का मानक) पर मंथन शुरू कर दिया है। अप्रैल में ही इसे शुरू करने की तैयारी है। महाप्रबंधक बोरवणकर का मानना है कि लोगों में पढ़ने की रुचि समाप्त होती जा रही है। अब सफर के दौरान लोग मोबाइल या लैपटाप में लगे रहते हैं। यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलने के साथ लोगों में पुस्तकों के प्रति लगाव भी बढ़ेगा।

    वर्तमान में मुंबई में चल रहीं डेक्कन क्वीन और पंचवटी एक्सप्रेस में 'लाइब्रेरी आन व्हील्स' की व्यवस्था है। यात्री इन ट्रेनों में मराठी, हिंदी और अंग्रेजी की पत्र-पत्रिकाएं और किताबें निश्शुल्क पढ़ते रहते हैं। जिन्हें यात्रा की समाप्ति पर वापस करना होता है। इन ट्रेनों के अलावा भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन में भी मिनी लाइब्रेरी की सुविधा है।

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    10 से 15 दिन तक के लिए यात्रा पर निकले पर्यटक यात्री सफर में लाइब्रेरी का पूरा लाभ उठाते हैं। इसके अलावा भुसावल, नासिक रोड, जलगांव, खंडवा, बुरहानपुर और शेगांव जैसे रेलवे स्टेशनों पर भी यात्रियों के लिए लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है। पूर्वोत्तर रेलवे में 'लाइब्रेरी आन व्हील्स' की शुरुआत किसी एक ट्रेन से की जाएगी। परिचालन विभाग के अधिकारियों ने ट्रेन के चयन की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।

    महाप्रबंधक बोरवणकर ने विद्यार्थियों को भी मोबाइल फोन से दूर कर पढ़ने के प्रति ललक पैदा करने की योजना तैयार की है। इसके लिए मुख्यालय गोरखपुर स्थित केंद्रीय ग्रंथालय समेत लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के मंडलीय पुस्तकालय समृद्ध किए जाएंगे। विद्यार्थियों के लिए अलग से सुविधासंपन्न वाचनालय स्थापित किए जाएंगे, जहां विद्यार्थी शांतिपूर्ण वातावरण में अध्ययन कर सकें।

    दरअसल, लोगों में पढ़ने की रुचि समाप्त होती जा रही है। यात्री भी सफर के दौरान पत्र-पत्रिकाओं और पुस्तकों की जगह मोबाइल फोन और लैपटाप पर अपना अधिक समय देने लगे हैं।

    जीवन में पठन- पाठन का बहुत महत्व है, इसको बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे ने किसी एक ट्रेन के एक कोच में चलता फिरता वाचनालय बनाने हेतु निर्देशित किया है। जहां पर कुछ पत्र-पत्रिकाएं एवं किताबें रखी जा सकेंगी, जिसका लाभ इच्छुक यात्री यात्रा के दौरान उठा सकेंगे।

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    - पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी- पूर्वोत्तर रेलवे