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गोरखपुर में भाजपा की नई रणनीति, अतीत और वर्तमान के मेल से तैयार हुआ 'नवीन सूत्र'

Published: Fri, 06 Nov 2026 09:09 AM (IST)

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने गोरखपुर में 2027 चुनाव जीतने के लिए 'नवीन सूत्र' दिया, जिसमें पुराने नेताओं को सक्रिय ...और पढ़ें

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन। जागरण

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन। जागरण

HighLights

  1. पुराने व निष्क्रिय नेताओं को चुनाव में सक्रिय करें।

  2. आंतरिक मतभेद कमरे में सुलझाएं, बाहर एकता दिखाएं।

  3. कार्यकर्ताओं का सम्मान करें, निष्क्रियता पर कार्रवाई होगी।

आशुतोष मिश्र, गोरखपुर। दो दिवसीय प्रवास पर गोरखपुर आए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने 10 साल से पद व दायित्व से दूर चल रहे नेताओं से संपर्क कर उन्हें चुनावी रण में अग्रिम मोर्चे पर उतारने का आह्वान किया। पुराने पदाधिकारियों के अनुभव का लाभ उठाने की नसीहत के साथ उन्होंने अतीत और वर्तमान के जोड़ से जीत का जो 'नवीन सूत्र' दिया, उसमें असंतोष या निष्क्रियता की जगह नहीं छोड़ी।

मतभेद और मनभेद को कमरे के भीतर निपटाने, तो बाहर एक मत-एक स्वर-समवेत स्वर में पार्टी के लोक कल्याणकारी कार्यों को बताने की सीख दी। जीत के लिए मनसा, वाचा, कर्मणा जुटने का संदेश देने के साथ वह दल बदलू या निष्क्रिय व्यवहार के विरुद्ध कड़ा संदेश भी दे गए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बुधवार को एनेक्सी में गोरखपुर क्षेत्र के प्रदेश, क्षेत्र पदाधिकारियों सहित जिलाध्यक्ष एवं प्रभारियों से दो टूक पूछा 2027 में जीतना चाहते हैं या नहीं। जीत की हुंकार उठी, तो इसके लिए अध्यक्ष ने पदाधिकारियों को अंतिम कार्यकर्ता तक जाने का रास्ता सुझाया। पार्टी की योजना साझा करते हुए बताया कि पार्टी के सभी मोर्चों के कार्यक्रम तय हो गए हैं। पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के बीच जाएं।

nitinyogi

कार्यकर्ता केवल सम्मान का भूखा होता है। वह चाहता है कि पदाधिकारियों का हाथ उसकी पीठ पर हो। उनके साथ बैठक करें तो प्रथम सत्र में चुपचाप उनकी बातें सुनें। साथ बैठकर भोजन करें और उनकी शिकायतों पर उन्हें आश्वस्त कर तब पार्टी के काम में लगाएं। इसके बाद भी जो निष्क्रिय रहे, उसकी जानकारी संगठन को दें।

असंतोष और विरोध को लेकर सतर्क करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी को अंब्रेला बताया। नितिन नवीन ने कहा कि जो इसके नीचे रहेगा, उसका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित रहेगा। जो इससे बाहर हुआ उसे धूप, धूल, धुआं झेलना पड़ेगा। पदाधिकारियों को जिम्मेदारी के प्रति सजग करते हुए बताया पार्टी की नजर सब पर है। समझाया, किसे कभी भी दायित्व दे दिया जा सकता है तो कोई पद से हटाया भी जा सकता है, यह तय उसकी सक्रियता से ही होगा।

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वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के सम्मान की सीख के साथ उन्होंने बताया कि आप पद पर हैं तो इसका अर्थ यह नहीं कि पूर्व पदाधिकारी जो अभी दायित्व में नहीं हैं आप उनसे बेहतर हैं। उनका अनुभव अनमोल है। उनसे संपर्क कर उनके अनुभव का लाभ लें। जीत के लिए सबको लगना पड़ेगा।

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