गोरखपुरवासियों को अक्टूबर तक करना होगा इंतजार, डामर की मार से थमी रामगढ़ताल रिंग रोड की स्पीड
गोरखपुर में रामगढ़ताल रिंग रोड का निर्माण डामर की बढ़ी कीमतों और अन्य कारणों से धीमा हो गया है, जिससे मई की समयसीमा चूक गई। अब यह परियोजना अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है, जबकि अभी तक केवल 55% काम ही पूरा हो पाया है।

रामगढ़ताल रिंग रोड की रफ्तार हुई धीमी। जागरण
HighLights
रामगढ़ताल रिंग रोड का निर्माण कार्य 55% ही पूरा।
डामर की बढ़ी कीमतों ने परियोजना की रफ्तार रोकी।
मई की समयसीमा बीती, अब अक्टूबर तक लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। स्मार्टव्हील शोरूम से सहारा एस्टेट तक प्रस्तावित रामगढ़ताल रिंग रोड की रफ्तार पर डामर की बढ़ी कीमत भारी पड़ रही है। 26.64 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 4.2 किलोमीटर लंबी डबल लेन सड़क को मई में पूरा किया जाना था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी निर्माण अधूरा है। अब इसके पूरा होने की समयसीमा अक्टूबर तक बढ़ाई गई है। सड़क की मौजूदा भौतिक प्रगति करीब 55 प्रतिशत बताई जा रही है।
निर्माण एजेंसी ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को पत्र भेजकर बिटुमिन यानी डामर की कीमत में बढ़ोतरी के मद्देनजर मूल्य समायोजन की मांग की है। पश्चिमी एशिया में तनाव और युद्ध के चलते बिटुमिन के दाम में हुई वृद्धि को देखते हुए सरकार ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले डामर के मूल्य समायोजन की अवधि 30 सितंबर तक बढ़ाई है। इस समायोजन से सरकार पर प्रति टन करीब 2600 रुपये का भार आ रहा है। इसी वजह से सड़क की डीबीएम और बीसी परत का काम आगे नहीं बढ़ सका है।
बेस तैयार, लेकिन ऊपरी परत और अन्य काम पीछे
4200 मीटर सड़क के लिए मिट्टी भराई, जीएसबी और डब्ल्यूएमएम का काम करीब 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके बावजूद डामर की परत, फुटपाथ और कलवर्ट निर्माण की प्रगति कम है। सात कलवर्ट में अभी केवल दो का निर्माण पूरा हुआ है। सड़क के किनारे लगाए जाने वाले 180 डेकारेटिव पोल में भी अब तक 84 ही लग पाए हैं।
सड़क निर्माण के साथ जमीन के मुआवजे को लेकर भू-स्वामियों के विरोध से भी कई बार काम प्रभावित हुआ। फरवरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परियोजना का निरीक्षण कर मई तक काम पूरा करने के निर्देश दिए थे।
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13.36 करोड़ की रिटेनिंग वाल परियोजना भी अधूरी
रिंग रोड से जुड़े 13.36 करोड़ रुपये के रिटेनिंग वाल, ड्रेन, एयरवाल्व, चैंबर और मैनहोल के काम की स्थिति भी धीमी है। 3700 मीटर रिटेनिंग वाल के सापेक्ष केवल 550 मीटर निर्माण हुआ है। पांच एयरवाल्व चैंबर तैयार हैं, जबकि 51 मैनहोल में 30 अभी लंबित हैं। सीवर लाइन और राइजिंग मेन के लिकेज रिपेयर के दो काम पूरे हो चुके हैं और एक पर काम चल रहा है। यह काम 16 फरवरी को शुरू हुआ था और नवंबर 2026 में पूरा होना है।
