यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ramleela 2023: जयघोष के बीच परंपरागत अंदाज में हुआ राघव-शक्ति मिलन, भगवान श्रीराम ने की मां दुर्गा की आरती
गोरखपुर जिले की अद्भुत परंपरा राघव-शक्ति मिलन धूमधाम से संपन्न हुआ। रात में जयघोष के बीच भगवान राम व मां शक्ति के मिलन के दौरान भगवान राम ने मां की आर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहर विजयादशमी के दिन मंगलवार को अपनी अद्भुत परंपरा 'राघव-शक्ति मिलन' का पुन: साक्षी बना। हजारों कंठों से निकल रहे गगनभेदी जयघोष के बीच भगवान राम बसंतपुर तिराहे पर पहुंचे तो वहां पहले से इंतजार कर रहीं मां शक्ति ने उनकी प्रदक्षिणा की और राम ने मां की आरती उतारी। मुख्य अतिथि राघव-शक्ति मिलन कमेटी के संरक्षक शरद चंद्र अग्रहरि ने राम व शक्ति की आरती उतारी। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
रात आठ बजे दुर्गाबाड़ी की दुर्गा प्रतिमा जुलूस के रूप में निकली, उसके पीछे लगभग डेढ़ हजार प्रतिमाएं थीं। गाजे-बाजे के साथ प्रतिमाओं का जुलूस बसंतपुर तिराहे पर पहुंचा। वहां पहले से ही उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने मां के पहुंचने पर जयघोष किया। जयघोष काफी देर तक वातावरण में गूंजता रहा। अब इंतजार था भगवान राम के आने का। भगवान राम ने बर्डघाट रामलीला मैदान में रावण का वध किया।
एक घंटा विश्राम करने बाद उनका रथ गाजे-बाजे व जुलूस के साथ रवाना हुआ। जुलूस में चार अखाड़ा दल- श्रीराम दल, श्रीराम अखाड़ा, परशुराम दल व बजरंग दल के कार्यकर्ता शामिल थे, जो जगह-जगह अपने करतब दिखाते चल रहे थे। कहीं आग से खेलना तो कहीं आग की रिंग से गुजर जाना, कहीं लाठी का प्रदर्शन लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहा।
भगवान राम का रथ बसंतपुर तिराहे पर पहुंचा, जहां पहले से इंतजार कर रहे लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और मुक्त कंठ से निकला जयघोष वातावरण में गूंज गया। दुर्गाबाड़ी की प्रतिमा को उसी स्थान पर घुमाकर प्रदक्षिणा कराई गयी। भगवान राम ने अपने रथ से ही मां की आरती उतारी और मां राजघाट की तरफ अपने जुलूस के साथ रवाना हुई।
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भगवान राम का रथ तब तक वहीं रुका रहा जबतक सभी दुर्गा प्रतिमाओं का जुलूस निकल नहीं गया। इसके बाद भगवान राम का जुलूस जगरनाथ अग्रवाल के हिन्दी बाजार स्थित आवास पर पहुंचकर समाप्त हुआ।