Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    राप्तीसागर एक्सप्रेस में कोच अटेंडेंट बेच रहे थे शराब, गोरखपुर से तीन गिरफ्तार

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 09:16 PM (IST)

    गोरखपुर में राप्तीसागर एक्सप्रेस में शराब बेचने वाले तीन कोच अटेंडेंट को जीआरपी और आरपीएफ ने गिरफ्तार किया है। ये आरोपित यात्रियों को चलती ट्रेन में द ...और पढ़ें

    राप्तीसागर एक्सप्रेस में शराब बेचने वाले तीन कोच अटेंडेंट गिरफ्तार।

    राप्तीसागर एक्सप्रेस में शराब बेचने वाले तीन कोच अटेंडेंट गिरफ्तार।

    HighLights

    1. राप्तीसागर एक्सप्रेस में शराब बेचते तीन अटेंडेंट गिरफ्तार।

    2. गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी-आरपीएफ की कार्रवाई।

    3. यात्रियों को दोगुनी कीमत पर बेची जाती थी शराब।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस (12511) में कोच अटेंडेंट दोगुणा दाम पर शराब बेचते थे। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने शुक्रवार की सुबह रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर नौ के पूर्वी छोर के पास से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया।

    उनके कब्जे से 40 लीटर देसी और 1.260 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे चलती ट्रेन में यात्रियों को बाजार मूल्य से लगभग दोगुणा कीमत पर शराब बेचते थे और इसी कमाई से अपना खर्च चलाते थे।

    जीआरपी प्रभारी अनुज कुमार सिंह और आरपीएफ पोस्ट प्रभारी गिरजेश विश्वकर्मा को सूचना मिली थी कि चलती ट्रेन में यात्रियों को शराब परोसी जा रही है। जिसमें कोच अटेंडेंट की भूमिका संदिग्ध है। शुक्रवार सुबह सात बजे राप्ती सागर एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर नौ पर खड़ी हुई तो सादे कपड़े में जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने निगरानी शुरू कर दी।

    कुछ देर बाद तीन कोच अटेंडेंट बैग लेकर पहुंचे संदेह के आधार पर जीअारपी ने चेक किया तो कपड़े के नीचे छिपाकर रखी गई शराब मिली। पूछताछ में आरोपितों की पहचान कासगंज के सोरों स्थित पहलादपुर निवासी रवि कुमार, फिरोजाबाद के जसराना स्थित सूरेला गांव में रहने वाले रोहित कुमार और मैनपुरी के बेवर स्थित बड़पुर निवासी सौरभ सिंह के रूप में हुई।

    खबरें और भी

    पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे राप्तीसागर एक्सप्रेस में कोच अटेंडेंट के रूप में कार्य करते हैं। ट्रेन सुबह 6:34 बजे गोरखपुर से रवाना होती है। वे गोरखपुर से शराब लेकर ट्रेन में चढ़ते थे और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्रियों को अधिक कीमत पर शराब बेचते थे।

    यात्रियों की मांग के अनुसार अलग-अलग कोचों में शराब की आपूर्ति की जाती थी। शुक्रवार को भी वे शराब लेकर ट्रेन में चढ़ने की तैयारी में थे, लेकिन चेकिंग में पकड़े गए।

    जीआरपी थाना प्रभारी अनुज सिंह ने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था, इसमें कितने लोग शामिल हैं। शराब केवल राप्तीसागर एक्सप्रेस में बेची जाती थी या अन्य ट्रेनों में भी इसी तरह का नेटवर्क सक्रिय है। 60 आबकारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

    सीडीआर से खुलेगा नेटवर्क

    जीआरपी ने आरोपितों के मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच शुरू कर दी है। इससे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, शराब सप्लायरों और संभावित सहयोगियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि किन-किन स्टेशनों पर शराब की आपूर्ति की जाती थी और इस अवैध कारोबार से अब तक कितनी कमाई की गई।

    यह भी पढ़ें- कानपुर से 11 साल से फरार 50 हजार का इनामी गैंग्सटर गुरुग्राम से गिरफ्तार, हरियाणा पुलिस की मदद से आरोपित तक पहुंची टीम