यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Satta king: यूपी के इस जिले में चल रहा था सट्टा खेलाने की फ्रेंचाइजी, मुंबई से जुड़ा तार, नौकरानी ने खोला ये राज
Satta king fraud amount लक्ष्मीना जेमिनी अपार्टमेंट में रहने वाले संजय चौरसिया के घर झाडू-पोछा करती थी। सरकारी योजना का लाभ के लालच में संजय ने लक्ष्म ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता,गोरखपुर। Satta king fraud amount आनलाइन कैसीनो चलाने वाले मुंबई का रेड्डी अन्ना जालसाजी की 80 प्रतिशत रकम खुद लेता था। शेष रकम गोरखपुर में फ्रेंचाइजी चलाने वाले संजय व उसके साथी अजय को मिलती थी। एएसपी/सीओ कैंट अंशिका वर्मा की जांच व आरोपितों से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारी मिली है।
गिरोह का सरगना रेड्डी अन्ना आनलाइन कैसीनो के छह एप चलता है, जिसकी फ्रेंचाइजी दी जाती है। असुरन के जेमिनी अपार्टमेंट में किराए पर रहने वाले संजय चौरसिया ने 90 लाख रुपये देकर तीन फ्रेंचाइजी ली थी। इसके बाद उसके पास एप का लिंक आता था। अपने सहयोगी सिद्धार्थनगर के खेसरहा थाना क्षेत्र के कड़जा में रहने वाले अजय ठाकुर के साथ मिलकर वह आनलाइन कैसीनो चलाता था, जिसमें 10 अन्य कर्मचारी भी काम करते थे।
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पुलिस की पूछताछ में अजय ने बताया कि मुंबई से बीकाम करने के बाद प्राइवेट नौकरी करता था, वहीं पर उसे आनलाइन कैसीनो के जरिये जालसाजी करने की जानकारी मिली। संजय से संपर्क कर फ्रेंचाइजी दिलवाई। नौकरानी व परिचितों का बैंक में खाता खुलवाने के बाद इन्हीं खातों से रुपये की हेराफेरी करते थे।
इन एप का करते थे इस्तेमाल
रेड्डी अन्ना आनलाइन सट्टा गेमिंग पोर्टल– अवैध रूप से संचालित आनलाइन सट्टा के माध्यम से लाइव कैसीनो, पोकर गेम, लूडो, फुटबाल गेम, आनलाइन तीन पत्ती, क्रिकेट, हाकी, फुटबाल व अन्य स्पोर्ट्स का संचालन करते हैं, जिसमें लोगों के द्वारा आनलाइन सट्टा खेला जाता हैं। अभियुक्तों ने रेड्डी अन्ना आनलाइन सट्टा पोर्टल से reddyanna, play247, 11xplay, skyexchange, sky247 का पैनल खरीदा था, जिनका वो आनलाइन संचालन किया करते थे ।
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बिहार के गोपालगंज, भोरे के सिसई ओझा टोला की लक्ष्मीना जेमिनी अपार्टमेंट में रहने वाले संजय चौरसिया के घर झाडू-पोछा करती थी। सरकारी योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देकर संजय ने मेडिकल कालेज रोड स्थित इंडसइंड बैंक में लक्ष्मीना व उसके रिश्तेदारों का खाता यह कहते हुए खाता खुलवाया कि हर माह पांच हजार रुपये मिलेंगे। कुछ दिन बाद लक्ष्मीना को पता चला कि उसके खाते से करोड़ों की हेराफेरी की गई है। जेल जाने के डर से उसने एसएसपी को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने एएसपी/सीओ को मामले की जांच सौंपी और जालसाज पकड़े गए।
एएसपी/सीओ अंशिका वर्मा ने कहा कि कोट- आनलाइन कैसीनो चलाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इससे कौन-कौन और जुड़े हैं इसकी जांच चल रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।