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नेपाल में क्यों सुलग रही सांप्रदायिक आग? बंगाल से रोहिंग्याओं का पलायन और बदली डेमोग्राफी बनी बड़ी वजह!

By Ashutosh MishraEdited By: Vivek Shukla
Published: Sat, 22 Aug 2026 09:11 AM (IST)Updated: Sat, 22 Aug 2026 09:38 AM (IST)

सुनसरी में सांप्रदायिक बवाल के बाद नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग के साथ रोहिंग्या घुसपैठ का मुद्दा गरमाया है। ...और पढ़ें

सोनौली सीमा पर बना नेपाल का प्रवेश द्वार l जागरण

सोनौली सीमा पर बना नेपाल का प्रवेश द्वार l जागरण

HighLights

  1. सुनसरी में सांप्रदायिक बवाल के बाद रोहिंग्या घुसपैठ मुद्दा गरमाया।

  2. बंगाल से रोहिंग्याओं का पलायन नेपाल में डेमोग्राफी बदल रहा।

  3. रोहिंग्या घुसपैठ पर अंकुश लगाने की भारत-नेपाल को जरूरत।

आशुतोष मिश्रा, गोरखपुर। सुनसरी में जुलाई के अंतिम सप्ताह हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद समूचे नेपाल में उठी हिंदू राष्ट्र की मांग के साथ वहां रोहिंग्या घुसपैठ का मुद्दा भी गर्मा गया है। लोग पिछले कुछ वर्षों में बदली डेमोग्राफी को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं, तो वहीं रोहिंग्या घुसपैठ बढ़ने की आशंका में सख्ती की जरूरत भी बता रहे हैं। इस बीच बंगाल में ममता बनर्जी की हार की चर्चा भी तराई में अब भी चल रही है।

लोग कह रहे हैं कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन से वहां अवैध ढंग से रह रहे रोहिंग्या पलायन कर रहे हैं। बंगाल से सटे सीमा क्षेत्रों में घुसपैठ कर इनके शरण लेने की आशंका सुरक्षा एजेंसियों ने भी जताई है। नेपाल के सिद्धार्थ नगर पालिका के होटल एसोसिएशन के एडवाइजर विष्णु शर्मा के मुताबिक, हाल ही में सुनसरी में हुई सांप्रदायिक टकराव की घटना के बाद प्रहरी-प्रशासन ने रोहिंग्या घुसपैठ को लेकर सतर्कता बढ़ाई है।

सुनसरी, काकरभिट्टा, विराटनगर, जोगबनी जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में रोहिंग्या घुसपैठ की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय मीडिया में इस तरह की आशंका जताते हुए खबरें आ चुकी हैं। जहां मुस्लिम आबादी अधिक है, वहां घुसपैठियों को शरण देने के मामले भी सामने आए हैं। अचानक से बढ़ी घुसपैठ की आशंका के पीछे बंगाल में हुआ बदलाव भी अहम कारण है।

विष्णु शर्मा कहते हैं कि रोहिंग्या घुसपैठ भारत-नेपाल के साझा हितों से जुड़ा मुद्दा है। नेपाल में शरण लेने वाले रोहिंग्या यहां की डेमोग्राफी बदलकर सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाएंगे, तो वहीं ये घुसपैठिये भारत में जाकर आतंकी घटनाएं अंजाम दे सकते हैं। इसलिए भारत से मजबूत संबंधों के लिए इनकी घुसपैठ पर सख्ती से अंकुश लगाना बहुत आवश्यक है।

सिद्धार्थ नगर पालिका निवासी हिंदूवादी संगठन के नेता श्रीचंद गुप्ता भी पूर्वी नेपाल में रोहिंग्या घुसपैठ पर चिंता जताते हैं। वह उन खबरों का जिक्र करते हैं जिनके जरिये बंगाल चुनाव के बाद काकरभिट्टा बार्डर होकर बंगाल से पलायन कर कई रोहिंग्या मुसलमानों के नेपाल आने की बातें सामने आईं थीं। तब वहां उनके कई शरणदाता भी सामने आए थे। इन्हीं शरणदाताओं की शह पर सुनसरी जैसी दुस्साहसिक घटना घटी।

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वीडियो बना फंडिंग जुटा रहा 'रोहिंग्यों का मसीहा'
नेपाल में बतौर कंटेंट क्रिएटर सक्रिय मोहम्मद उमर खान इंटरनेट प्लेटफार्म पर वीडियो बनाकर अपलोड करता है। इनमें वह रोहिंग्या मुसलमानों के नाम पर खुलेआम फंडिंग की अपील भी करता है। स्वयं को रोहिंग्या मुसलमानों का मसीहा बताता है। वह राष्ट्र निर्माण दल नेपाल से पूर्व में चुनाव भी लड़ चुका है। बदले माहौल में उस पर कार्रवाई की मांग भी तेज हुई है। इस मांग के साथ उसके वीडियो इंटरनेट मीडिया पर खूब प्रसारित हो रहे हैं।