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    गोरखपुर के धुरियापार में TATA पावर के लिए भूमि चिह्नित, जल्द देखेगी टीम

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 10:45 AM (IST)

    गीडा ने गोरखपुर के धुरियापार में टाटा पावर के 100 मेगावाट सोलर प्लांट के लिए भूमि चिह्नित की है। 800 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्लांट से 300 से अध ...और पढ़ें

    100 मेगावाट क्षमता से बढ़ेगी हरित ऊर्जा की रफ्तार। जागरण

    100 मेगावाट क्षमता से बढ़ेगी हरित ऊर्जा की रफ्तार। जागरण

    HighLights

    1. धुरियापार में टाटा पावर का 100 मेगावाट सोलर प्लांट

    2. 800 करोड़ निवेश, 300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजन

    3. प्रति वर्ष 20 करोड़ यूनिट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की ओर से धुरियापार में टाटा पावर के सोलर पावर प्लांट के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही टाटा पावर की टीम चिह्नित भूमि का निरीक्षण करेगी।

    टाटा पावर की ओर से गोरक्षनगरी में करीब 800 करोड़ की लागत से 100 मेगावाट क्षमता का पावर प्लांट लगाने की योजना है। अनुमान है कि प्लांट के निर्माण और संचालन के दौरान 300 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से भी बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलने की संभावना है।

    औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे धुरियापार क्षेत्र को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। टाटा पावर कंपनी ने यहां 100 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है।

    लिंक एक्सप्रेसवे से सटा हुआ धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र पहले से ही बड़े निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। अदाणी और अंबानी समूह की ओर से टाटा पावर की ओर से सोलर पावर प्लांट के लिए निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। कंपनी की ओर से गीडा को सौंपे गए प्रस्ताव के बाद अब तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

    यह सोलर पावर प्लांट पूरी तरह से सौर ऊर्जा आधारित होगा, जिससे पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। इस प्लांट से हर साल लगभग 20 करोड़ यूनिट बिजली के उत्पादन की संभावना है। इससे प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।

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    गीडा अधिकारियों के अनुसार, टाटा पावर के प्रतिनिधि जल्द ही धुरियापार पहुंचकर चिह्नित भूमि का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद भूमि आवंटन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

    जिले को चाहिए हर रोज 500 से 600 मेगावाट बिजली
    गोरखपुर जिले में सामान्य तौर पर प्रति दिन 500 से 600 मेगावाट बिजली की खपत होती है। ऐसे में यहां उत्पादन होने वाली बिजली शहर की जरूरत का छठा भाग पूरा करने में सक्षम है।

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    टाटा पावर कंपनी की मांग के अनुरूप भूमि चिह्नित कर ली गई है और जल्द ही प्रतिनिधियों को जमीन का निरीक्षण कराया जाएगा। जरूरतों के अनुसार भूमि उपलब्ध कराते हुए इस परियोजना को शीघ्र शुरू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

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    -रामप्रकाश, एसीईओ, गीडा